बीपी तेल रिसाव के लिए 20 अरब डॉलर देगी

बराक ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बात की पुष्टि की है कि ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) तेल रिसाव से निपटने के लिए 20 अरब डॉलर का कोष स्थापित करने पर सहमत हो गई है.

बीपी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात के बाद ओबामा ने कहा कि 20 अरब डॉलर की ये राशि बीपी की देनदारी की सीमा को नहीं दर्शाती और न ही इससे प्रभावित लोगों के दावे समाप्त होंगे. वो इसके बावजूद बीपी के ख़िलाफ़ दावा ठोंक सकते हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि बीपी इसके अलावा 10 करोड़ डॉलर का एक और कोष बनाएगी जिससे उन श्रमिकों की मदद की जाएगी जो इस विपदा से प्रभावित हुए हैं.

ये कोष स्वतंत्र होंगे और इसकी देखरेख जाने माने वकील केनेथ फेनबर्ग करेंगे जिन्होंने 11 सितंबर, 2001 के आतंकवादी हमले के पीड़ित परिवारों के मुआवज़े के भुगतान की देखरेख की थी.

बीपी के चेयरमैन कार्ल हेनरिक स्वनबर्ग ने घोषणा की कि उनके बोर्ड ने ये तय किया है कि कंपनी इस वर्ष शेयरधारकों को लाभांश अदा नहीं करेगी.

कंपनी सोमवार को लाभांश की घोषणा करने वाली थी. ग़ौरतलब है कि बीपी का सालाना मुनाफ़ा लगभग 20 अरब डॉलर है.

व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा और बीपी के चेयरमैन कार्ल हेनरिक स्वानबर्ग और मुख्य कार्यकारी टॉनी हेवर्ड के बीच बातचीत के दौरान ये सहमति हुई है.

राष्ट्रपति ओबामा से बातचीत के बाद बीपी के चेयरमैन स्वनबर्ग ने तेल रिसाव के लिए खेद जताया और कहा कि कंपनी इस दुर्घटना के दुख व्यक्त करती है और ऐसी दुर्घटना कभी नहीं होनी चाहिए.

ओबामा की मुहिम

इसके पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मैक्सिको की खाड़ी में हुए तेल के रिसाव के लिए ब्रिटिश पेट्रोलियम पर लापरवाही का आरोप लगाया था.

Image caption तेल का रिसाव रुकता दिख नहीं रहा है

टेलीविज़न पर दिए गए राष्ट्र के नाम संदेश में उन्होंने तेल के रिसाव को समुद्री तटों और अमरीकी नागरिकों पर हमला क़रार दिया था.

उनका कहना था कि इस त्रासदी ने यह याद दिलाया है कि अब अमरीका के लिए समय आ गया है जब वह साफ़ ईंधन के भविष्य पर विचार शुरु कर दे.

इधर जनमत सर्वेक्षण के नतीजे कह रहे हैं कि ज़्यादातर अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा के उन क़दमों से सहमत नहीं हैं जो उन्होंने त्रासदी से निपटने के लिए उठाए हैं.

बीबीसी के संवाददाता पॉल एडम्स का कहना है कि बराक ओबामा दिखाना चाहते हैं कि अमरीकी इतिहास की सबसे बड़ी पर्यावरणीय त्रासदी से निपटने के प्रयासों की कमान अब उन्होंने ख़ुद संभाल ली है.

उन्होंने इस त्रासदी से सबक सीखने की बात कहते हुए तेल के नए कुँए खोदने पर रोक लगा दी है और उन्होंने तेल कंपनियों का नियमन करने वाली संस्था का पुनर्गठन कर दिया है.

लेकिन राष्ट्रपति इतना भर करके रुक नहीं रहे हैं. वो जैविक ईंधन से हटने और साफ़ ईंधन की ओर रुख़ करने की आदर्शवादी बात कर रहे हैं.

लेकिन ज़्यादातर अमरीकी चाहते हैं कि पहले तेल का वह रिसाव रुके जो दो महीने पहले शुरु हुआ था और इसकी संभावना अब भी दिखाई नहीं दे रही है.

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