टाइपिंग ने बदली ज़िंदगी

  • 20 जून 2010
जेमी पॉंसन्बी
Image caption टाइपिंग के ज़रिए जेमी अपने विचार व्यक्त कर पाता है

जेमी पॉंसन्बी बोल नहीं सकता. वो वर्षों से अपनी ही दुनिया में क़ैद है.

लेकिन उसके परिवार वालों ने उसे टाइपिंग सिखाई और अब 13 वर्षीय जेमी न केवल अपने विचार व्यक्त कर पाता है बल्कि वो कविता भी लिख रहा है.

उसकी मां सरीना कहती हैं कि इससे उन्हे अपने बेटे को समझने में मदद मिली है. उन्होने कहा, “हम नहीं जानते थे कि जेमी के भीतर एक व्यक्ति है जो सब कुछ जानता समझता है”.

जेमी की मां कहती हैं, “टाइपिंग की वजह से हम जान पाए कि वह बहुत कुछ जानता है. उसमें हास्य विनोद की समझ है वह बहुत सुंदर कविता करता है और उसकी भावनाएं और संवेग उसकी उम्र के अन्य बच्चों जैसी ही हैं”.

लेकिन रिसर्च ऑटिज़्म के शोध निदेशक रिचर्ड मिल्स कहते हैं कि जेमी जैसे लोग बहुत कम होते हैं.

“हम जानते हैं कि ऑटिस्टिक लोगों को कोई भी बात समझने में काफ़ी समय लगता है. उन्हे दिखने वाली चीज़ों की ज़रूरत होती है इसलिए कीबोर्ड के ज़रिए शब्द टाइप करना उन्हे बेहतर लगता है”.

जेमी की मां जो लंदन की रहने वाली हैं कहती हैं, “हालांकि जेमी धीमी गति से टाइप करता है लेकिन धीरे धीरे उसमें तेज़ी आ रही है”.

जेमी को ऑटिज़्म

जब जेमी कोई डेढ़ साल का था तब उसकी मां को लगा कि उसमें कोई कमी है.

Image caption ऑटिज़्म का शिकार जेमी अब कविताएं भी लिखता है

ढाई साल की उम्र में पता चला कि वह ऑटिज़्म का शिकार है. वो बताती हैं कि उसे संगीत बहुत पसंद था लेकिन जब उसे संगीत की क्लास में ले जाया जाता तो वो चीख़ने लगता.

अगले कुछ सालों में जेमी की अन्य क्षमताएं धीरे धीरे ख़त्म होती गईं और उसने बोलना बंद कर दिया. संकेतों से बात समझाने की क्षमता भी उसमें सीमित थी इसलिए सम्वाद और भी मुश्किल हो गया.

सरीना कहती हैं, “मैंने किसी के बारे में एक किताब पढ़ी थी जिसे बात करने की जगह टाइप करना आसान लगता था. बस हमने जेमी को नौ साल की उम्र में टाइपिंग करना सिखाना शुरु कर दिया”.

“हमने उन शब्दों से शुरुआत की जिन्हे वो संकेतों से बता पाता था. उसकी प्रगति बहुत ही धीमी गति से हुई. कई बार हमे लगा कि इसे छोड़ दें”.

“लेकिन कुछ साल के अंदर हमने पाया कि वो सड़क या बाज़ार में लगे साइन बोर्ड पढ़ लेता है. हम उससे सवाल करने लगे और वो उसके जवाब टाइप करने लगा”.

इससे उसके स्वाभिमान और आत्मविश्वास में गई गुना वृद्धि हुई है.

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