'पाक को परमाणु मदद शांतिपूर्ण'

Image caption पाकिस्तान के पास दो असैनिक परमाणु रिएक्टर हैं ( तस्वीर: जियोआई सेटेलाइट इमेजिज़)

चीन का कहना है कि पाकिस्तान के साथ उसका असैनिक परमाणु सहयोग शांतिपूर्ण है.

चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को दो नए रिएक्टर देने की योजना अंतरराष्ट्रीय बाध्यता के अनुरूप है.

इस सप्ताह के शुरु में अमरीका ने इस समझौते पर चिंता व्यक्त की थी.

पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियों को लेकर 2004 में तब चिंता बढ़ी जब देश के सर्वोच्च परमाणु वैज्ञानिक ने स्वीकार किया कि उन्होने उत्तर कोरिया, लिबिया और ईरान को परमाणु तकनोलॉजी दी है.

अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चिन गेंग ने कहा, "मैं इस बात पर बल देना चाहता हूं कि चीन और पाकिस्तान के बीच असैनिक परमाणु सहयोग अंतरराष्ट्रीय दायित्व को ध्यान में रखकर किया जा रहा है".

चिन गेंग ने एक समाचार सम्मेलन में कहा, "यह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और अंतरराष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षण में होगा".

मंगलवार को अमरीका के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसने पाकिस्तान को नए परमाणु रिएक्टरों की बिक्री पर चीन से स्पष्टीकरण मांगा था.

चीन परमाणु आपूर्ति समूह या एनएसजी का सदस्य है.

इस समूह में 46 देश शामिल हैं जो परमाणु ऊर्जा और तकनोलॉजी के व्यापार का नियमन करते हैं जिससे परमाणु ऊर्जा के लिए तैयार की गई सामग्री का परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल न हो.

अमरीका पाकिस्तान का मित्र देश है फिर भी वह भारत के साथ असैनिक परमाणु सहयोग कर रहा है.

पाकिस्तान भी अमरीका के साथ ऐसा समझौता करना चाहता है लेकिन पाकिस्तान को लेकर परमाणु प्रसार का डर अब भी बना हुआ है.

मई 2009 में अमरीका के इस आरोप का पाकिस्तान ने खंडन किया था कि वह अपने परमाणु अस्त्र भंडार में विस्तार कर रहा है.

पाकिस्तान ने 1972 में कैनेडा के विशेषज्ञों की मदद से पहला परमाणु बिजली केंद्र बनाया था.

लेकिन पश्चिमी देशों ने इस डर से यह सहयोग बंद कर दिया कि पाकिस्तान गुप्त रूप से परमाणु हथियार बना रहा है.

पाकिस्तान के पास इस समय तीन परमाणु रिएक्टर हैं जिनमें से एक सेना के उपयोग के लिए है. चीन के सहयोग से दो नए रिएक्टर लगने के बाद पाकिस्तान के पास चार परमाणु भट्टियां हो जाएंगी.

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