आईएईए के दो निरीक्षकों पर पाबंदी

Image caption ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी आईएईए से कहा है कि वह उसके दो निरीक्षकों को देश में नहीं आने देगा.

ईरान के आण्विक ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सलेही ने कहा कि निरीक्षकों ने समय से पहले एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जो सही नहीं है.

उन्होने ये नहीं बताया कि रिपोर्ट का कौन सा हिस्सा सही नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के ईरान के ख़िलाफ़ चौथे दौर के प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बाद ईरान ने यह फ़ैसला किया है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि यूरेनियम संवर्द्धन बंद करने के सुरक्षा परिषद के आदेशों की अवहेलना करने के इस दंड से ईरान को साफ़ संदेश जाएगा.

लेकिन ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनिजाद ने कहा कि इन प्रतिबंधों को इस्तेमाल किए गए रूमाल की तरह रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए.

अमरीका और उसके मित्र देशों को डर है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

गुप्त सूचना

जनवरी में ईरान ने आईएईए को बताया था कि उसके वैज्ञानिकों ने 'पाइरोप्रोसैसिंग' प्रयोग किए हैं. ये वो प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों में प्रयोग होने वाले संवर्द्धित यूरेनियम को बनाने के लिए किया जा सकता है. इसके बाद आईएईए ने ईरान से इस विषय में और जानकारी मांगी.

लेकिन मार्च के महीने में ईरान ने अपनी बात वापस लेते हुए कहा कि उसने ऐसे कोई प्रयोग नहीं किए हैं.

मई में आईएईए के विशेषज्ञों ने तेहरान के उस परिसर का दौरा किया जहां कथित रूप से ये प्रयोग हुए थे और पाया कि वहां से एक इलेक्ट्रोकैमिकल कोष को ही हटा दिया गया था.

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होने वहां से कोई उपकरण नहीं हटाया और जो प्रयोग किए गए थे उनका 'पाइरोप्रोसैसिंग' से कोई संबंध नहीं था.

ईरान के आण्विक ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सलेही ने कहा, "ईरान ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि ये दो निरीक्षक ईरान में प्रवेश नहीं कर पाएंगे क्योंकि इन्होने ग़लत जानकारी दी है और आधिकारिक समय से पहले गुप्त जानकारी को सामने रखा है".

"उनकी रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी है और हमने आईएईए से कहा कि इन दो निरीक्षकों को ईरान न भेजें. इनके स्थान पर यह काम किसी और को सौंपें".

अभी तक आईएईए की तरफ़ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

संवाददाताओं का कहना है कि जब से यूकिया अमानो आईएईए के महानिदेशक बने हैं तब से उन्होने ईरान की तरफ़ कड़ा रुख़ अपनाया है और दोनों के संबंधो में तनाव आ गया है.

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