ढाई लाख पाउंड का ईनाम

डॉन प्रैट
Image caption डॉन प्रैट ने अब अपनी टैक्सी की बिज़नेस को अलविदा कह दिया है

अपना काम तो सभी करते हैं लेकिन अगर उसमें इंसानियत का जज़्बा भी शामिल हो तो उसका फल मीठा ही होता है.

इंगलैंड के न्यूक्वे इलाक़े में टैक्सी चलाने वाले डॉन प्रैट ने अब अपना धंधा बंद कर दिया है और वह एक आलीशान जीवन जी रहे हैं.

असल में हुआ यह था कि अबसे बहुत साल पहले उन्होंने अपनी टैक्सी से एक बूढ़ी महिला को बाज़ार से उनके घर पहुँचाया. और फिर उनकी मदद करने के इरादे से उनके शॉपिंग के भारी थैलों को उठा कर अंदर घर में भी रख दिया.

आमतौर पर टैक्सी वाले यह काम नहीं करते हैं. उनकी इस इंसानियत ने वृद्ध महिला मैरी वॉटसन के मन को छू लिया.

अगले बीस साल वह डॉन की टैक्सी का ही इस्तेमाल करती रहीं. धीरे-धीरे डॉन की पत्नी गिल से भी उनकी दोस्ती हो गई और दोनों पति-पत्नी मैरी के घर के सदस्यों की तरह ही हो गए.

दोनों मैरी को बाज़ार ले जाते, डॉक्टर के यहाँ ले जाते और वह जहाँ भी घूमने जाना चाहतीं, उनके साथ होते.

यहाँ तक कि जब मैरी ने अबसे बारह वर्ष पूर्व, 74 साल की उम्र में फिर शादी करने की सोची तो उन्होंने डॉन को अपना बेस्टमैन बनाया.

उसके बाद मैरी और उनके पति न्यूक्वे छोड़ कर नॉर्थैम्पटन चले गए लेकिन उनका डॉन और गिल से संपर्क बना रहा. हालाँकि पिछले दो साल से यह संपर्क टूट सा गया था.

एक दिन जब डॉन को अचानक एक वकील की ओर से सूचित किया गया कि मैरी वॉटसन का निधन हो गया है और वह अपनी वसीयत में उनके लिए एक मकान और ढाई लाख पाउंड की राशि छोड़ गई हैं तो वह भौंचक्के रह गए.

डॉन अब भी मैरी को आत्मीयता से याद करते हैं. उनका कहना है, "वह एक बहुत ही जुझारू महिला थीं जो किसी की वाहियात बात सहन नहीं करती थीं".

उन्हें नहीं पता कि मैरी के परिवार वाले इस वसीयत के बारे में क्या सोचते हैं लेकिन यह भी सच है कि मैरी ने अपने जीवन के अंतिम दो वर्ष नॉर्थैम्पटन के एक केयर होम में गुज़ारे.

इधर डॉन का कहना है कि उन्होंने रात-दिन काम किया और कभी चैन की सांस नहीं ली. अब 65 साल की उम्र में वह अपनी पत्नी के साथ लंबी छुट्टी मनाने जाना चाहते हैं और वह सब करना चाहते हैं जिसका उन्होंने कभी सपना देखा था.

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