आयरलैंड में मनी 25वीं बरसी

  • 23 जून 2010
माइकल मार्टिन
Image caption आयरलैंड के विदेश मंत्री माइकल मार्टिन ने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी

एयर इंडिया के बोइंग 747 विमान में हुए विस्फोट की 25वीं बरसी आयरलैंड में मनाई गई.

कनाडा के मॉन्ट्रिएल से लंदन के रास्ते दिल्ली जाने वाले एयर इंडिया के विमान में सिख चरमपंथियों ने बम रखा था जिसकी वजह से हुए धमाके में सभी विमान यात्री मारे गए थे.

23 जून 1985 को विमान आयरलैंड की वायु सीमा में समुद्र में गिर गया था और उसमें सवार सभी 329 लोग मारे गए थे.

आयरलैंड के विदेश मंत्री माइकल मार्टिन ने कहा कि आज बहुत ही दुखभरा दिन है. उन्होंने कहा कि विमान में बम रखने वाले लोग 'क्रूर और कायर' थे.

इस दुर्घटना में मारे गए लोगों की याद में आयरलैंड के समुद्र तट पर आकिस्टा में एक स्मारक बनाया गया है, वहीं 25वीं बरसी के कार्यक्रम आयोजित किए गए.

इस विस्फोट की वजह से मारे गए लोगों में से सिर्फ़ 131 लोगों की ही लाशें मिल पाई थीं जिनमें बड़ी संख्या बच्चों और किशोरों की थी.

मारे गए लोगों की याद में बना स्मारक दरअसल एक धूप घड़ी है जिसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि हर साल 23 जून को ठीक 8.23 मिनट पर उसकी परछाईं एक ख़ास स्थान पर पड़ती है, यह वही समय है जबकि बोइंग 747 विमान रडार से गायब हो गया था.

स्मारक पर लिखा है-'समय गुज़रता है, सूरज उगता है, परछाइयाँ बनती हैं, चली जाती हैं, प्यार हमेशा हमेशा रहता है.'

इस कार्यक्रम में आयरलैंड, कनाडा और भारत के उच्च अधिकारियों के अलावा मारे गए लोगों के अनेक रिश्तेदारों ने भी हिस्सा लिया.

अफ़सोस

कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफ़न हार्पर ने इस विस्फोट पर गहरा अफ़सोस प्रकट किया है, उन्होंने एक संदेश में कहा है, "कुछ ज़ख़्म इतने गहरे होते हैं कि वक़्त भी उन्हें नहीं भर पाता, हमें कनाडा के इतिहास की आतंकवाद की सबसे बड़ी और क्रूर घटना पर बहुत अफ़सोस है."

इसी महीने एक जाँच रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है कि अगर कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाई होती तो 23 जून के विस्फोट को रोका जा सकता था.

इंदरजीत सिंह रइत एकमात्र अभियुक्त था जिसे दोषी पाया गया उसने 2003 में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, इस हमले की साज़िश रचने वाले अभियुक्त तलविंदर सिंह परमार की 1991 में मौत हो गई जबकि रिपुदमन सिंह मलिक और अजायब सिंह बागड़ी को सबूतों के अभाव में 2005 में बरी कर दिया गया.