ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री

जूलिया गिलार्ड

ऑस्ट्रेलिया में एक महिला जूलिया गिलार्ड पहली बार देश की प्रधानमंत्री बनी हैं.

जूलिया गिलार्ड उपप्रधानमंत्री थीं और उन्होंने प्रधानमंत्री केविन रड के नेतृत्व को चुनौती दी थी.

कैनबेरा में पार्टी की बैठक में केविन रड ने जूलिया गिलार्ड के ख़िलाफ़ शक्ति प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया और उनके पक्ष में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी की अध्यक्षता छोड़ दी.

इस तरह जूलिया के लिए प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया.

ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में इस पद पर बैठने वाली वो पहली महिला हैं.

केविन रड की लोकप्रियता पिछले कुछ दिनों से घटती जा रही थी और अगले छह महीने में देश में आम चुनाव होने वाले हैं.

दरअसल इस पूरे मामले में बहुत तेज़ी से घटनाक्रम में बदलाव हुए. साल के शुरु में हुए सारे सर्वेक्षण बता रहे थे कि केविन रड पिछले 30 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं.

ऑस्ट्रेलिया उन कुछ देशों में से है जिस पर वैश्विक आर्थिक मंदी का उतना असर नहीं पड़ा था और इन हालात में केविन रड का दोबारा जीतना लगभग तय था.

यहां तक की एक दशक तक चलने वाले केविन रड के दौर की बातें होने लगीं थीं.

लोकप्रियता घटी

लेकिन इस साल के शुरु में जैसे ही उन्होंने पर्यावरण नीति को ठंडे बस्ते में डाल दिया उनकी आलोचना शुरु हो गई. लोगों ने इसे रड के कमज़ोर व्यक्तित्व के रुप में देखा.

उसके बाद उनके कामकाज के तरीक़ो पर भी उंगलियां उठने लगीं. उनके सहयोगियों ने उनपर अलग थलग रहने का आरोप लगाया. यहां तक की उनपर घमंडी होने के आरोप भी लगने लगे.

संसाधनों पर नया कर लगाने के उनके फ़ैसले से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और कुइनस्लैंड जैसे खनन प्रधान राज्यों में उनकी लोकप्रियता घटने लगी.

घटती लोकप्रियता के कारण पार्टी के कुछ शक्तिशाली नेताओं ने केविन रड के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया और उपप्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड को रड के नेतृत्व को चुनौती देने के लिए समर्थन करने लगे.

वेल्श में पैदा हुई गिलार्ड को भारी समर्थन हासिल है और केविन रड के समर्थक भी इस बात को मानते हैं कि देश की पहली प्रधानमंत्री बनने के लिए संख्या जूलिया गिलार्ड के पक्ष में है.

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