अफ़ग़ानिस्तान को चार अरब डॉलर की मदद रोकी

Image caption जनरल पेट्रियस अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और नैटो गठबंधन के नए कमांडर हैं

अफ़ग़ानिस्तान में भ्रष्ट्राचार के कथित आरोपों के बाद अमरीकी कांग्रेस ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार को दी जाने वाली चार अरब डॉलर की मदद के ख़िलाफ़ मतदान किया है.

आरोप लगाया गया है कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित धन को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर विदेशी अकाउंट में भेजा जा रहा है.

कांग्रेस की सदस्य नीटा लोई ने भ्रष्ट्राचार के आरोपों पर नाराज़गी जताई है. वे अमरीकी सहायता राशि आवंटित करने के लिए बनी समिति की अध्यक्ष हैं.

वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में ख़बर छपी है कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार से जुड़े लोग अरबों डॉलर की सहायता राशि को कथित तौर पर अफ़ग़ानिस्तान के बाहर भेज रहे हैं.

नीटा लाई का कहना है कि जब तक वे निश्चिंत नहीं हो जाती कि अमरीकी करदाताओं का पैसा अफ़ग़ानिस्तान में भ्रष्ट अधिकारियों, ड्रग्स माफ़िया या आंतकवादियों की जेब में नहीं जा रहा, वे एक डॉलर भी मदद के लिए जारी नहीं करेंगी.

इस पाबंदी का असर सैन्य अभियानों के लिए दिए जाने वाले पैसे पर नहीं पड़ेगा और ये पाबंदी बाद में हटाई जा सकती है.

अफ़ग़ानिस्तान में भ्रष्ट्राचार के आरोपों के कारण ओबामा प्रशासन के साथ रिश्तों में तनाव आया है और राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि वे इस पर कड़े क़दम उठाएँगे.

'भारत का हित जुड़ा हुआ है'

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और नैटो गठबंधन के नए कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में जो कुछ हो रहा है उसमें भारत का भी पूरा-पूरा हित जुड़ा हुआ है.

अपने नए पद की पुष्टि के लिए वे सीनेट की सेना समिति के समक्ष पेश हुए थे.

अमरीकी सीनेट ने जनरल डेविड पेट्रियस की नियुक्ति को अपनी मंज़ूरी दे दी है. वे अफ़ग़ानिस्तान में जनरल मैकक्रिस्टल की जगह लेंगे जिन्हें रोलिंग स्टोन पत्रिका में एक विवादित लेख छपने के बाद अपने पद से हटा दिया गया था.

अपना नया पद संभालने से पहले जनरल डेविड पेट्रियस गुरुवार को ब्रसल्स में नैटो मुख्यालय पर अमरीकी सहयोगियों से बात करेंगे.

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के करीब एक लाख सैनिकों के अलावा अलावा 45 अन्य देशों के 40 हज़ार सैनिक तैनात हैं.

स्थानीय अफ़ग़ान लोगों का समर्थन, हताहत होते सैनिक और अफ़ग़ानिस्तान नीति कितनी कारगर है, जैसे कई सवाल हैं जिन्हें लेकर सभी देश चिंतित हैं.

जनरल पेट्रियस ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में वर्तमान रणनीति सही है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि वे इस पर विचार करेंगे कि रणनीति कैसे लागू की जाए.

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