भारत से संपर्क बढ़ाना चाहता है ब्रिटेन

विलियम हेग
Image caption विलियम हेग ने ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार बड़ा भाषण दिया

ब्रिटेन के विदेश मंत्रि विलियम हेग ने कहा है कि ब्रिटेन भारत, चीन और ब्राज़ील जैसी उभरती शक्तियों के साथ नज़दीकी संबंध बनाना चाहता है.

उन्होंने कहा कि साथ ही ब्रिटेन यूरोपीय संघ में भी और महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना चाहता है.

ब्रिटेन में नई सरकार बनने के बाद विलियम हेग ने अपने पहले महत्वपूर्ण भाषण में गठबंधन सरकार की प्राथमिकताएँ गिनाते हुए ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की विदेश नीति को अधिक टिकाउ, अधिक ऊर्जावान और व्यवसायिक मामलों पर और अधिक केंद्रित होना चाहिए.

उन्होंने अमरीका के साथ ब्रिटेन की भागीदारी को अपरिवर्तनीय बताया लेकिन साथ-साथ ये भी कहा कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करने के लिए और प्रयास करेगी कि यूरोपीय संघ में उसका प्रभाव बढ़े.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कोशिश करेगी कि यूरोपीय संघ के काम-काज में वरिष्ठ पदों पर ब्रिटिश अधिकारियों की भागीदारी और बढ़े.

भारत से क़रीबी

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में दिए गए भाषण में विलियम हेग ने कहा आज की दुनिया में ब्रिटेन की वैश्विक पहुँच और प्रभाव और अधिक होनी चाहिए वरना इस बदलती दुनिया में उसे पतन का मुँह देखना पड़ेगा.

भारत का उल्लेख करते हुए विलियम हेग ने कहा,"हम भारत के साथ एक स्वस्थ संबंध बनाना चाहते हैं. प्रधानमंत्री कैमरन अगले महीने की मंत्रियों के साथ भारत का दौरा करेंगे जिसमें भारत के साथ हर क्षेत्र में ब्रिटेन से संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा. व्यापारिक संपर्क ही नहीं बल्कि शैक्षणिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग की भी बात होगी".

विलियम हेग ने आरोप लगाया कि लेबर पार्टी के 13 वर्ष के कार्यकाल में ब्रिटेन का वैश्विक प्रभाव काफ़ी घटा और उसने दुनिया के दूसरे हिस्सों में नए अवसरों और उनके साथ ब्रिटेन के ऐसे संपर्कों का लाभ नहीं उठाया जिनमें ब्रिटेन अग्रणी था.

विलियम हेग ने कहा,"हाल के समय में नई और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंध बनाने के ब्रिटेन का तरीक़ा बड़ा ढुलमुल रहा जिससे उन देशों की सरकारों से लगातार इसतरह की शिकायतें मिलती रहीं कि ब्रिटेन सरकार उनसे तभी संपर्क करती है जब कोई संकट आता है या किसी महत्वपूर्ण मामले में वोट की ज़रूरत होती है".

उन्होंने कहा,"अँग्रेज़ी भाषा की वजह से ब्रिटेन दुनिया के लाखों करोड़ों लोगों से जुड़ पाता है. ये कमाल की बात है कि भारत में स्कूलों कॉलेजों में लगभग 25 करोड़ छात्र अँगरेज़ी भाषा सीख रहे हैं जो ब्रिटेन की कुल आबादी से चार गुना अधिक है. इस दृष्टिकोण से ब्रिटिश काउंसिल और बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की बहुत अहम भूमिका है जो ब्रिटेन को अपनी संस्कृति और मूल्यों के संप्रेषण के लिए एक अतुलनीय मंच देते हैं."

हालाँकि बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता माइक वूड्रिच का कहना है कि हालाँकि विलियम हेग ब्रिटेन के लिए एक दीर्घकालीन और व्यवस्थित विदेश नीति की सोच बनाना चाहते हैं लेकिन संभावना इस बात की ही है कि ब्रिटेन की विदेश नीति अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर अफ़ग़ानिस्तान का ही प्रभाव रहेगा.

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