'अप्रवासन नीति में सुधार की ज़रुरत'-ओबामा

  • 2 जुलाई 2010
बराक ओबामा
Image caption अप्रवासन नीति पर ओबामा का ये सबसे महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश की अप्रवासन नीति में व्यापक बदलावों का आहवान किया है और वर्तमान प्रणाली को 'ख़तरनाक और त्रुटियों भरा' बताया है.

राष्ट्रपति ओबामा के पद संभालने के बाद इस मुद्दे पर यह सबसे विस्तृत बयान है.

उन्होंने कहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ऐसी किसी व्यवस्था पर सहमति बननी चाहिए जिससे अप्रवासन पर एक सुलझी हुई नीति तैयार की जा सके.

वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान अप्रवासी नीति बिल्कुल बेकार हो चुकी है और इस समस्या का समाधान तभी हो सकता है जब रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के सदस्य साथ मिलकर काम करें.

लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि संसदीय चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनने की संभावना नहीं है.

ओबामा का कहना था कि ये मुद्दा सिर्फ़ राजनीतिक और आर्थिक महत्व का नहीं है बल्कि इसकी नैतिक ज़रूरत भी है.

ऐसा अनुमान है कि अमरीका में क़रीब 1.1 करोड़ प्रवासी बिना किसी दस्तावेज़ के रह रहे हैं.

बराक ओबामा का कहना था कि उनकी सरकार ने अमरीका के दक्षिणी हिस्से में इस मामले में क़ानून के पालन को सुनिश्चित करने के संदर्भ में कई क़दम उठाए हैं.

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