पादरी को दुराचार के लिए सज़ा

डैनहैम
Image caption पादरी को 19 साल 10 महीने कारावास की सज़ा सुनाई गई

ऑस्ट्रेलिया के एक पादरी को दुराचार के आरोप में क़रीब 20 साल कैद की सज़ा सुनाई गई है. कहा जाता है कि इस पादरी ने पिछले दो दशक में 25 से अधिक बच्चों के साथ दुराचार किया है.

जॉन सिडनी डेनहैम (67 वर्षीय) को 1968 से 1986 के बीच न्यू साउथ वेल्स में स्कूली बच्चों पर हमलों से जुड़े कई मामलों में दोषी पाया गया. जज ने कहा, "उसके कृत्यों ने डर और अनैतिकता की संस्कृति पैदा की."

डेनहैम ने पीड़ितों और उनके परिवार के लोगों से क्षमा मांगी है. पांच से 16 साल के बच्चों के साथ किए गए अपराधों के लिए उसे 19 साल 10 महीने कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

जज ने कहा, "इस घटना में कई बच्चों को शिकार बनाया गया. सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गई ये घटनाएं काफी दुखद, गंभीर और आपराधिक श्रेणी में आती हैं."

खेद भी जताया

एक बयान में जॉनी सिडनी डेनहैम ने कहा, "मुझे बहुत खेद है. मैं बहुत ही गया गुज़रा इंसान हूं जिसने स्थिति का फ़ायदा उठाया और अपनी ताकत का इस्तेमाल करके युवा लोगों को नुक़सान पहुंचाया."

पीड़ितों और उनके परिवार के लोगों ने कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया है. इन लोगों ने यह भी कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसके लिए कैथोलिक चर्च ही ज़िम्मेदार है.

एक पीड़ित की मां ने कहा, "वह सचमुच ही काफी भयानक है. उसके कृत्य से पीड़ितों के परिवार के लोगों को काफी पीड़ा उठानी पड़ी. इसने परिवारों और उनके बच्चों को बर्बाद कर दिया. यह घृणास्पद है."

पिछले कुछ वर्षों में कैथोलिक पादरी के बच्चों के साथ दुराचार का मसला काफी चर्चित रहा. पीड़ितों के परिवारजन इस पर न्याय की गुहार कर रहे थे. जुलाई 2008 में पोप बेनेडिक्ट 16वें ने आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान पीड़ितों से मुलाक़ात की और इस पर सार्वजनिक माफ़ी मांगी थी.

संबंधित समाचार