कांगो में मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार

कॉंगो
Image caption तेल टैंकर धमाके में मारे गए लोगों को सामूहिक रूप से दफ़ना दिया गया है

अफ़्रीकी देश कांगो में तेल टैंकर धमाके में मारे गए अनेक लोगों को सामूहिक रूप से दफ़ना दिया गया है.

कांगो की पूर्वी सीमा पर तेल टैंकर में हुए धमाके में कम से कम 230 लोग मारे गए थे. अधिकारियों का कहना है कि इसमें लगभग 60 बच्चे थे.

तेल टैंकर से जब तेल लीक हो रहा था, उस दौरान नज़दीकी गाँव सांगे के अनेक लोग तेल इकट्ठा करने लगे और इसी दौरान टैंकर में धमाका हो गया.

इस धमाके से फैली आग की चपेट में एक इमारत और एक सिनेमा हॉल आ गया

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक, सहायता कर्मी और सेना घायलों की मदद के काम में जुटे हुए हैं.

समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि रेड क्रॉस का दल शवों को एक प्लास्टिक शीट में लपेट कर गांव के बाहर स्थित दो कब्रिस्तानों पर ले गया जहाँ उन्हें दफ़ना दिया गया. ये शव बुरी तरह जले हुए थे.

दक्षिणी प्रांत किवू के वाइस गवर्नर जीन-क्लोडे किबाला का कहना था,'' गाँव का दृश्य ह्दय विदारक था. गलियों में अनेक शव पड़े हुए हैं. लोग इतने सदमे में हैं कि न तो वे रो पा रहे हैं और न ही बोल पा रहे हैं.''

दुर्घटना

दरअसल, शुक्रवार को एक तेल टैंकर अन्य ट्रकों के इंतज़ार में रुका था लेकिन अचानक उसके नीचे की ज़मीन धंस गई.

जब टैंकर से ईंधन चारों ओर फैलने लगा तो गाँववासी एकत्र हो गए और उन्होंने ट्रक से लीक हो रहे ईंधन को एकत्र करने का प्रयास किया.

लेकिन इस बीच टैंकर में धमाका हो गया.

गाँव में फूस और मिट्टी के बने अनेक घरों में आग लग गई और ये ध्वस्त हो गए.

कॉंगों के अनेक सैनिक और उनके परिवार इस गाँव में रहते हैं जिसकी सीमा बुरुंडी से लगती है.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस क्षेत्र में ऐसे हादसे कोई नई बात नहीं हैं क्योंकि जब भी कोई टैंकर पलट जाता है तो गाँववासी ईंधन इकट्ठा करने की कोशिश करते हैं.

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