'अल क़ायदा के षड्यंत्र' में तीन की गिरफ़्तारी

  • 9 जुलाई 2010
नार्वे की पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
Image caption गिरफ़्तार हुए व्यक्तियों में से एक की उम्र 39, दूसरी की 37 और तीसरे की आयु 31 साल है

नॉर्वे की पुलिस ने तीन व्यक्तियों को नॉर्वे में बम हमले के षड्यंत्र के सिलसिले में गिरफ़्तार किया है.

नॉर्वे की सुरक्षा पुलिस की प्रमुख यान क्रिस्टियनसन ने बताया कि दो षड्यंत्रकारियों को नॉर्वे में और एक को जर्मनी में पकड़ा गया.

इनमें से एक चीन के वीगर समुदाय का है, एक इराक़ी कुर्द है और एक उज़्बेक. पुलिस ने इन सभी के अल-क़ायदा से संबंध बताए हैं और इन्हें अमरीका और ब्रिटेन में बम हमलों के षड्यंत्र से भी जोड़ा गया है.

यान क्रिस्टियनसन ने बताया, "गिरफ़्तार किया गया पहला व्यक्ति चीन के वीगर मूल का नॉर्विजियन नागरिक है जिसकी उम्र 39 वर्ष है, वह 1999 में नॉर्वे आया और 2007 में नॉर्वे की नागरिकता ली."

सुरक्षा पुलिस की प्रमुख का कहना था, "दूसरा व्यक्ति इराक़ी नागरिक है जिसकी उम्र 37 साल है, उसे मानवीय आधार पर नॉर्वे में स्थायी तौर पर रहने की अनुमति दी गई थी. तीसरे व्यक्ति की उम्र 31 साल है और वह उज़्बेक नागरिक है, वह 2002 में शरणार्थी के तौर पर नॉर्वे आया था."

'न्यूयॉर्क, मैंचेस्टर के षड्यंत्रों से संबंध'

नॉर्वे की सुरक्षा पुलिस की प्रमुख यान क्रिस्टियनसन का कहना था, "हमारा मानना है कि इस ग्रुप के विदेशों में रह रहे लोगों से संबंध थे जो अल क़ायदा से जुड़े हो सकते हैं. ये ग्रुप उन लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं जिनके बारे में अमरीका और ब्रिटेन समेत अन्य देशों में जाँच चल रही है."

ये तीनों नॉर्वे के निवासी हैं और इन पर पिछले एक साल से नज़र रखी जा रही थी.

अमरीका का कहना है कि नॉर्वे का ये मामला न्यूयॉर्क के विफल बम हमले के षड्यंत्र और इंग्लैंड के मैंचैस्टर शहर के बम हमले के षड़यंत्र से जुड़ा है.

बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता गॉरडन कोरेरा का कहना है कि हो सकता है कि नॉर्वे को इसलिए निशाना बनाया गया हो क्योंकि नॉर्वे के सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नेटो बलों में शामिल हैं.

दोहरा षड़यंत्र

बुधवार को अमरीकी अभियोक्ताओं ने चार व्यक्तियों के ख़िलाफ़ न्यूयॉर्क की भूमिगत रेल सेवा पर हमला करने के षड़यंत्र के अभियोग लगाए थे.

अमरीका के एटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने न्यूयॉर्क षड़यंत्र को 11 सितम्बर 2001 के हमलों के बाद से अब तक का सबसे गंभीर आतंकवादी षड्यंत्र बताया.

अमरीकी न्याय विभाग के वक्तव्य में कहा गया, "ये अभियोग दिखाते हैं कि इस षड़यंत्र के निर्देश पाकिस्तान में बैठा अल क़ायदा का शीर्ष नेतृत्व दे रहा था."

वक्तव्य में आगे कहा गया, "ये षड्यंत्र पाकिस्तान के अल क़ायदा षड़यंत्रकारियों की एक और योजना से जुड़ा था जिसमें ब्रिटेन में हमले करने के लिए पश्चिमी लोगों का इस्तेमाल किया जाए."

अमरीकी अभियोक्ताओं ने जिन षड्यंत्रकारियों के नाम बताए उनमें आबिद नसीर भी हैं. अमरीका 24 वर्षीय आबिद नसीर के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है जिसे बुधवार को पूर्वोत्तर इंगलैंड में गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस इसे पिछले साल अप्रैल के महीने में मैंचैस्टर शहर में बम हमलों के षड़यंत्र का सूत्रधार मान रही है.

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