मध्य पूर्व पर अहम वार्ता से पहले नाकेबंदी में 'ढील'

  • 6 जुलाई 2010
अशदोद बंदरगाह पर ग़ज़ा की नाकेबंदी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाक़ात से पहले इसराइल द्वारा ग़ज़ा पट्टी की नाकेबंदी में ढील देने की घोषणा की गई है.

वर्ष 2007 से ग़ज़ा का शासन चला रहे हमास ने इन रियायतों को ख़ारिज किया है. हमास का कहना है कि इस ढील का कोई फ़ायदा नहीं होगा और नाकेबंदी पूरी तरह से ख़त्म होनी चाहिए.

उधर अमरीका और यूरोपीय संघ ने ग़ज़ा की नाकेबंदी में ढील का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण क़दम बताया है. मध्य पूर्व के अंतरराष्ट्रीय दूत पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी इसका स्वागत किया है.

इसराइल ने वर्ष 2005 से गज़ा की नाकेबंदी कर रखी है. पिछले कुछ हफ़्तों में वहाँ सहायता सामग्री ले जा रहे एक समुद्री जहाज़ पर हुए हमले में नौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी. इसके बाद से इसराइल पर अपनी ग़ज़ा नीति में बदलाव लाने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा था.

कितनी ढील?

इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा जाने वाली सभी उपभोक्ता सामग्री पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन निर्माण सामग्री केवल संयुक्त राष्ट्र की परियोजनाओं के लिए ही ले जाने की अनुमति होगी.

इसराइल के अनुसार हथियारों समेत कोई भी सामग्री जिसे सैन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, उस पर आंशिक या पूरे तौर पर पाबंदी कायम रहेगी.

इसराइल लगातार कहता रहा है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र की पाबंदी इसलिए ज़रूरी है ताकि हमास को हथियार की सप्लाई बंद की जा सके.

Image caption नेतन्याहू की पिछली अमरीका यात्रा ज़्यादा सफल नहीं रही थी

ग़ज़ा से निर्यात पर भी इसराइल ने पाबंदी लगा रखी है. ग़ज़ा के स्थानीय व्यापारियों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने ढील को अपर्याप्त बताया है.

'मध्य पूर्व की बदलती तस्वीर'

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से ग़ज़ा की नाकेबंदी और मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में प्रगति के विषय पर बात करने के उत्सुक हैं.

बीबीसी के मध्य पूर्व मामलों के संपादक जेरेमी बोवन का कहना है, "राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पास बातचीत करने के लिए बहुत कुछ है. इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अगला क़दम, तुर्की के इसराइल के साथ मतभेद पैदा होने के बाद मध्य पूर्व में बदलती रणनीतिक तस्वीर और फ़लस्तीनीयों के साथ विश्वसनीय शांति प्रक्रिया कायम करना शामिल हैं."

पिछले हफ़्ते प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था कि वार्ता के मुख्य भाग इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच साधी बातचीत शुरु करने पर केंद्रित होगा.

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