संपादक को महँगी पड़ी मौलवी पर टिप्पणी

Grand Ayatollah Mohammed Hussein Fadlallah
Image caption मौलवी फ़ज़लुल्लाह को लेबनानी संगठन हिज़्बुल्लाह का मार्गदर्शक माना जाता था.

अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन ने मध्य-पूर्व की अपनी एक वरिष्ठ संपादक को लेबनान के आयतुल्लाह मोहम्मद हुसैन फ़ज़लुल्लाह के निधन के बाद टिप्पणी करने के लिए हटा दिया है.

आयतुल्लाह फ़ज़लुल्लाह के निधन की ख़बर सुनने के बाद सीएनएन की संपादक ओक्टाविया नस्र ने ट्विटर पर लिखा था,''आयतु्ल्लाह फ़ज़लुल्लाह के निधन की ख़बर सुनकर दुख हुआ. वे हिज़्बुल्लाह के दिग्गजों में से एक थे. मैं उनकी बहुत इज्ज़त करती हूँ.''

मौलवी फ़ज़लुल्लाह लेबनान के प्रमुख शिया मौलवी थे. उन्हें परंपरागत रूप से चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह का आध्यात्मिक नेता माना जाता था.

सीएनएन के एक अधिकारी ने बताया कि ओक्टाविया नस्र सीएनएन छोड़ रही हैं क्योंकि उनकी 'विश्वसनीयता' पर सवाल खड़े हो गए हैं.

आयतुल्लाह फ़ज़लुल्लाह की रविवार को 74 साल की आयु में मौत हो गई थी.

'श्रेष्ठ विचार'

वहीं नस्र का कहना है कि उन्होंने ट्विटर पर जो टिप्पणी की थी वो महिलाओं के लिए आयतुल्लाह फ़ज़लुल्लाह के काम को लेकर थी.

नस्र सीएनएन में मध्य-पूर्व मामलों की वरिष्ठ संपादक थीं और पिछले करीब दो दशक से सीएनएन के लिए काम कर रही थीं. वे अक्सर कैमरे के पीछे ही रहती थीं.

मंगलवार को अपनी टिप्पणी में नस्र ने लिखा है, ''मैने जो ट्विट किया था उस पर तुरंत प्रतिक्रियाएँ आईं. मुझे ये सबक़ मिला है कि संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दों पर 140 शब्दों में प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए. वो भी मध्य-पूर्व के मामलों के बारे में.''

ऐसा लग रहा है कि नस्र की इस विवादास्पद पोस्ट को अब वेबसाइट से हटा दिया गया है.

अमरीका और इसराइल हिज़्बुल्लाह को एक चरमपंथी संगठन के रूप में देखते हैं.

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