'ग़ज़ा जाने वाला जहाज़ अब मिस्र की ओर'

अमालदिया
Image caption क़रीब दो हज़ार टन सहयाता सामग्री लेजा रहे अमालदिया अब ग़ज़ा नहीं पहुंचेगा

इसराइल और ग्रीस के अधिकारियों कहना है कि ग़ज़ा के लिए राहत सामग्री लेकर ग्रीस से चलने वाला समुद्री जहाज़ अब मिस्र में रुकेगा.

लीबिया के नेता कर्नल ग़द्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल इस्लाम ग़द्दाफ़ी द्वारा संचालित एक राहत संस्था सहायता सामग्री से भरा मालदोवा का ये जहाज़ ग़ज़ा भेज रही थी.

लेकिन राहत संस्था के प्रमुख यूसुफ़ साव्वान ने बीबीसी की अरबी सेवा को बताया कि समुद्री जहाज़ अपना रास्ता नहीं बदलेगा और वह ग़ज़ा की बंदरगाह अल अरीश की ओर ही बढ़ रहा है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ग़ज़ा के लिए सहायता सामग्री लेकर आ रहे तुर्की के एक ज़हाज़ पर इसराइली नौसेना ने धावा बोला था जिसमें नौ लोग मारे गए थे.

सफल कूटनीति

उधर इसराइली विदेशमंत्री आविग्दोर लीबरमैन का कहना है कि उन्होंने ग्रीस और मालदोवा के अपने प्रतिपक्षियों से इस बारे में बात की है और आशा है कि अब ये जहाज़ मिस्र में ही रोक लिया जाएगा.

इसराइली विदेशमंत्रालय ने अपने एक वक्तव्य में कहा कि आविग्दोर लीबरमैन ने माल्दोवा और ग्रीस के विदेशमंत्रियों से इस बारे में बात की है.

वक्तव्य में कहा गया,"विदेश मंत्रालय ये मानता है कि ग्रीस और माल्दोवा के प्रतिपक्षियों से इसरायली विदेशमंत्री की बातचीत हो जाने के बाद जहाज़ अब ग़ज़ा नहीं पहुंचेगा."

इसराइल ने इस जहाज़ के ग़ज़ा में प्रवेश को रोकने के लिए गंभीर कूटनीतिक प्रयास किए हैं. इसरायल ने संयुक्त राष्ट्र से भी इस मामले में क़दम उठाने को कहा था.

संयुक्त राष्ट्र में इसराइल की राजदूत गैबरिएला शालेफ़ ने एक पत्र के ज़रिए कहा, "इसराइल अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ये अपील करता है कि वो लीबिया पर दबाव डाल कर उसे अपनी ज़िम्मेदारी का अहसास दिलाए और उस जहाज़ को ग़ज़ा पट्टी के लिए रवाना होने से रुकवाए."

गैबरिएला शालेफ़ ने साथ ही चेतावनी भी दी, "अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत इसराइल ये अधिकार रखता है कि जहाज़ को ग़ज़ा की नाकेबंदी का उल्लंघन करने से रोके."

अमालदिया पर क़रीब 2000 टन खाद्य सामग्री, खाना पकाने का तेल, दवाएं और बने बनाए कामचलाऊ मकान के ढांचे लदे हुए हैं.

इसराइल ने हाल में घोषणा की थी कि गज़ा पट्टी में नाकेबंदी में ढील दी जा रही है और वहाँ प्रतिबंधित सामान को छोड़ कर आम लोगों की ज़रुरत के सामान ले जाने की छूट होगी.

इस घोषणा के बाद ये उम्मीद की गई कि गज़ा पट्टी में मानवीय सहायता, खाद्य सामग्री और भवन निर्माण सामग्री पहुँचाई जा सकेगी.

लेकिन फलस्तीनी संगठनों की मांग थी कि गज़ा पट्टी की नाकेबंदी पूरी तरह से ख़त्म की जानी चाहिए.

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