'भारतीय मुसलमान आतंकवादी परिभाषित होने से तंग'

फ़रहा पंडित
Image caption फ़रहा पंडित ने इंटरनेट पर वीडियो चैट के दौरान अपने विचार व्यक्त किए हैं

मुस्लिम समुदाय के लिए ओबामा प्रशासन की विशेष प्रतिनिधि फ़राह पंडित ने कहा है कि भारतीय मुसलमान 'आतंकवादी' नहीं हैं और वे इस तरह परिभाषित किए जाने से दुखी हैं.

ओबामा प्रशासन ने फ़राह पंडित को मुस्लिम जगत से अमरीका के संबंध बेहतर बनाने की ज़िम्मेदारी दी है और वे इस उद्देश्य से 24 से अधिक ऐसे देशों का दौरा कर चुकी हैं जहाँ पर मुस्लिम समुदाय बहुमत में है.

एक इंटरनेट वीडियो चैट में उन्होंने कहा, "मै उन ब्लॉगर्स की बात करती हूँ जिन्हें मैं भारत में मिलती हूँ, जो मुसलमानों के आतंकवादी परिभाषित किए जाने से तंग हैं." फ़राह भारतीय मूल की अमरीकी नागरिक हैं."

उनका कहना था, "....वे बता रहे हैं कि भारत में क्या हो रहा है जहाँ 16 करोड़ मुसलमान हैं - और..माफ़ कीजिएगा...वे सभी आतंकवादी नहीं हैं."

उन्होंने कहा कि वे कोशिश करती हैं कि वे दुनिया के सभी मुसलमानों को - 'मुस्लिम जगत' - के नाम पर एक ही सांचे में डाल कर बात न करें.

फ़राह पंडित का कहना था, "हम जो बातचीत कर रहे हैं उससे अब इस बहस को बदलने की ज़रूरत है. सभी को एक ही रंग में नहीं पोतना चाहिए....यदि किसी धर्म में विश्वास रखने वाला कोई एक व्यक्ति कोई बुरी बात करता है...इसका ये मतलब नहीं कि सभी उसी रंग में रंगे हैं."

उनका कहना था, "मुसलमान होने के नाते हम किसी भी तरह, किसी भी शक्ल में हिंसा के इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते हैं...आपने विभिन्न संस्कृतियों की ओर से मुसलमानों और ग़ैर-मुसलमानों के हिंसा को दूर रखने के संयुक्त प्रयासों को मिल रही प्रतिक्रिया को देखा है....हमें दूसरों को समझने और बातचीत को आगे बढ़ाने के और प्रयास करने होंगे.... और इस राष्ट्रपति ने ये कहा है कि दुनिया में मुसलमानों से बात करना हमारी प्राथमिकता है."

फ़राह पंडित का कहना था, "...ये उनके और हमारे बीच संघर्ष नहीं है. ये पश्चिमी सभ्यता और पूर्वी सभ्यता का टकराव नहीं है. ये अमरीका और इस्लाम की लड़ाई नहीं है. राष्ट्रपति (ओबामा) ने ये स्पष्ट कर दिया है कि इस्लाम अमरीका का हिस्सा है."

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