जहाज़ी बेडे पर सैन्य कार्रवाई ग़लत थी

सैन्य कार्रवाई
Image caption इसराइली कमांडो दस्ते ने इस सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया था

इसराइली सेना की रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में मानवीय सहायता सामग्री लेकर ग़ज़ा जा रहे छह जहाज़ों के बेड़े पर हमला ग़लतियों की वजह से हुआ.

जहाज़ों पर हुई इसराइली सैन्य कार्रवाई की जांच कर रहे सैन्य आयोग ने ये स्वीकार किया है कि कारर्वाई सेना में उच्च स्तर पर हुई ग़लती का नतीजा थी.

सैन्य अभियान की जांच कर रहे आयोग की अध्यक्षता कर रहे अवकाश प्राप्त जनरल गिओरा ईलैंड ने तेल अवीव में मीडिया के सामने ये रिपोर्ट पेश की.

मानवीय सहायता सामग्री लेकर चले इन जहाज़ों को 31 मई को अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में रोक लिया गया था.

छह जहाज़ों के इस क़ाफ़िले को रोकने के लिए इसराइल ने कमांडो कारर्वाई की थी, जिसमें नौ सहायता कर्मी मारे गए थे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट ने जनरल ईलैंड के हवाले से कहा, "कई स्तरों पर ग़लतियां हुईं और सेना में काफ़ी ऊंचे ओहदों पर तैनात अधिकारियों से भी ग़लतियां हुईं, जिनकी वजह से वह हो गया, जो हम नहीं चाहते थे.”

समाचार एजेंसी एफ़पी में छपे जनरल ईलैंड के वक्तव्य में कहा गया है, "हमने इस जांच में ये पाया कि ख़ूफ़िया एजेंसियों के स्तर पर और निर्णय लेने की प्रक्रिया के स्तर पर कुछ बड़ी ग़लतियां हुईं हैं."

रिपोर्ट में कहा गया है कि कमांडरों ने केवल एक योजना बनाई थी और वे उसी पर चले थे और उस पर उन्होंने ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा किया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाज़ पर उतरने वाले कमांडो आगे के घटना क्रम के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाज़ पर सवार कुछ हथियारबंद लोगों के हमलों के जवाब में इसराइली सैनिकों ने गोलियां चलाईं जिससे नौ लोग मारे गए.

लेकिन जनरल ईलैंड ने ये भी कहा कि जहाज़ो के क़ाफ़िले को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई ही एक विकल्प बचा था.

इसराइल का कहना था कि जहाज़ नाक़ेबंदी को तोड़कर ग़ज़ा में प्रवेश करने जा रहे थे, इसलिए कमांडो कार्रवाई की गई.

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