पाक ने की सीमापार घुसपैठ की शिकायत

  • 12 जुलाई 2010
मोहमंद हमला
Image caption मोहमंद इलाक़े में इस साल का सबसे भीषण हुआ हमला था

पाकिस्तान के गृहमंत्री ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से सीमा पार कर पाकिस्तान आने वाले तालिबान चरमपंथियों को रोकने के लिए नेटो और अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से पर्याप्त क़दम नहीं उठाए जा रहे हैं.

उन्होंने मोहमंद इलाके में शुक्रवार को हुए भीषण बम हमले के लिए अफ़ग़ानिस्तान से आए चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

इस साल के सबसे भीषण माने जा रहे इस हमले में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

पाकिस्तानी गृहमंत्री ने बीबीसी को बताया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि हमलावर सीमा पार से आए थे.

ये हमला उस इलाक़े में हुआ था, जिसके बारे में पाकिस्तान सरकार ने ये दावा किया था कि वहां से चरमपंथियों का सफ़ाया कर दिया गया है.

रहमान मलिक ने कहा कि उन्होंने नेटो और अफ़गान सरकार से ये मांग की थी कि सीमापार से घुसपैठ को रोकने के लिए क़दम उठाए जाएं.

रहमान मलिक ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें ये कहा जा रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में गठबंधन सेना के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए पाकिस्तान से चरमपंथी सीमा पार जाते हैं.

पाकिस्तान में चरमपंथियों की सीमापर से खुली आवाजाही के सबूत भी मिलते हैं, लेकिन रहमान मलिक का कहना है कि उनकी सरकार ने इस पर रोक लगा दी है.

ऐसा नहीं है कि ये हमले मोहमंद जैसे कुछ सीमावर्ती इलाक़ों में होते हैं बल्कि पूरा देश इन चरमपंथी हमलों के आतंक में जी रहा है.

पाकिस्तान की जनता में इस बात को लेकर काफ़ी असंतोष है कि उनकी सरकार इन धमिकियों से निबटने में सक्षम नहीं है.

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