64 लोगों की मौत से अल-शबाब ख़ुश

यूगांडा में बम धमाका
Image caption धमाके में स्थानीय लोग और विदेशी नागरिक भी मारे गए हैं.

सोमालिया के चरमपंथी संगठन अल-शबाब ने युगांडा बम धमाके में मारे गए लोगों की मौत पर खुशी ज़ाहिर की है और कहा है कि युगांडा जब भी रोएगा वो खुश होंगे.

युगांडा की राजधानी कंपाला में रविवार देर रात दो धमाके हुए जिसमें 64 लोग मारे गए और 70 से ज़्यादा घायल हुए हैं. सबसे ज़्यादा मौतें वहां के रगबी क्लब में हुई.

अल-शबाब ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

अल-शबाब के प्रवक्ता शेख यूसूफ़ ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "युगांडा हमारे दुश्मनों में से एक है. उनके रोने से हमें ख़ुशी होती है. जो हमारे विरुद्ध हैं अल्लाह का क़हर उनपर टूटेगा."

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इन धमाकों की कड़ी निंदा की है.

कंपाला के इंस्पेक्टर जनरल काएहुरा ने बताया कि उन्हें शक है कि इन धमाकों में सोमालिया के चरमपंथी संगठन अल-शबाब का हाथ हो सकता है.

रगबी क्लब में फुटबॉल विश्व कप का फ़ाइनल मैच देख रहे 49 लोगों की मौत हो गई. जबकि 15 लोग ईथोपियन विलेज नामके रेस्तरां में मारे गए.

काएहुरा का कहना था कि ये धमाके भीड़ भाड़ वाले इलाक़ों में मैच देख रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए ताकि अधिक से अधिक नुक़सान पहुंचाया जा सके.

पुलिस अधिकारी का कहना था, “इस बम से विश्व कप की भीड़ को निशाना बनाया गया.”

पुलिस ने आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाक़ों से दूर रहने की चेतावनी दी है.

मैच के आख़िरी 10 मिनट में धमाके

Image caption मारे गए लोग विश्व कप फ़ुटबॉल का आनंद उठा रहे थे.

ये दोनों धमाके विश्व कप फ़ाइनल मैच के आख़िरी 10 मिनट में हुए. दोनों ही जगहों पर कुर्सियां उल्टी पड़ी देखी गईं. ज़मीन पर ख़ून के धब्बे और मांस के लोथड़े पड़े थे.

बीबीसी से बातचीत में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कैसे वो रगबी बम धमाके में फंसा.

“मैंने सिर्फ धमाके की आवाज़ सुनी. मैं बिल्कुल स्तब्ध था, मुझे कुछ नहीं पता था क्या हो रहा है. मैं घास पर लेट गया और जब तक मुझे होश नहीं आया मुझे कुछ नहीं पता चला. फिर मैं धीरे धीरे वहां से बाहर निकल आया.”

ओबामा ने कड़ी निंदा की

मरने वालों में ज़्यादातर लोग विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. रगबी क्लब में स्थानीय लोग और विदेशी दोनों ही थे.

धमाके में एक अमरीकी नागरिक भी मारा गया है. तीन अमरीकी घायल हुए हैं जो पेनसिल्वेनिया के चर्च समूह के सदस्य थे.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इन धमाकों को 'निंदनीय' और 'कायरतापूर्ण' बताया

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि इस धमाके के दोषियों को सज़ा दिलवाने के लिए अमरीका और युगांडा की सरकार मिलकर काम करेगी.

युगांडा और बुरुंडी के लगभग पांच हज़ार सैनिक सोमालिया की राजधानी मोगादिशु मे तैनात हैं.

अल-शबाब क्या है

अल-शबाब सोमाली चरमपंथियों के एक संगठन का नाम है.

पूर्वी अफ़्रीक़ा के कई हमलों के तार सोमाली चरमपंथी से जुड़े रहे हैं. 1998 में केन्या और तंज़ानिया के अमरीकी दूतावास में बम धमाकों में भी सोमाली चरमपंथियों का हाथ माना गया था जिसमें 200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

2002 में मोम्बासा में 15 लोगों की मौत हुई थी. अमरीका का मानना है कि सोमालिया अल-क़ायदा को शरण देता है.

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