सातवें आसमान पर नडाल

  • 12 जुलाई 2010
विश्वकप स्पेन
Image caption चूम कर हवा में उठाया विश्वकप और झूम उठे स्पेन के जांबाज़ खिलाड़ी

विश्व कप फ़ाइनल के दौरान विंबलडन विजेता रफ़ाएल नडाल अपनी टीम का समर्थन करने के लिए जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में मौजूद थे. और उनकी मौजूदगी में स्पेनिश टीम ने विश्व कप भी जीत लिया. जीत के बाद ख़ुशी से झूम रहे नडाल ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस जीत का जश्न पूरे एक साल तक मनाया जाए. उन्होंने कहा कि विश्व कप में मिली जीत आसान नहीं होती और इसे दोहराना भी मुश्किल होता है, इसलिए हमें एक साल तक इस ख़ास जीत का जश्न मनाना चाहिए. हाल ही में प्रतिष्ठित विंबलडन का ख़िताब जीतने वाले नडाल अपनी फ़ुटबॉल टीम पर हमेशा नज़र रखते हैं और विश्व कप के दौरान भी वे टीम के खिलाड़ियों से लगातार संपर्क में थे. नडाल ने खिलाड़ियों की जम कर तारीफ़ की और कहा कि मौजूदा खिलाड़ी अतुलनीय हैं और इनके बराबर आने में अन्य खिलाड़ियों को बहुत समय लगेगा.

इंग्लिश रेफ़री से नाराज़गी नीदरलैंड्स और स्पेन के बीच हुए फ़ाइनल में इंग्लैंड के रेफ़री हॉवर्ड वेब की भूमिका को लेकर ख़ूब सवाल उठ रहे हैं.

Image caption विश्व कप मुकाबले के सबसे चर्चित रैफ़री रहे हॉवर्ड वैब

जिस तरह उन्होंने इस फ़ाइनल मैच में पीले कार्ड का इस्तेमाल किया, उससे एक बार तो दोनों देशों के खिलाड़ी नाराज़ लग रहे थे. लेकिन आख़िरकार जीत स्पेन की हुई.

इस मैच में नीदरलैंड्स के जॉनी हटीजा को रेड कार्ड दिखाया गया. तो स्ट्राइकर रॉबेन की भी रेफ़री से नोंक-झोंक हुई और नतीजे में उन्हें भी पीला कार्ड मिला. अब नीदरलैंड्स के खिलाड़ी फ़ाइनल में मिली हार का ठीकरा रेफ़री के सिर फोड़ रहे हैं.

रॉबेन का कहना है कि एक बार गोल क्षेत्र में पुइया ने उनके ख़िलाफ़ फ़ाउल किया था, जिसे रेफ़री ने नहीं माना. तो दूसरी ओर डी यांग का कहना है कि रेफ़री के ज़्यादातर फ़ैसले स्पेन के पक्ष में गए. डच समर्थक भी हार के लिए रेफ़री को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.

उनका कहना है कि स्पेन की जीत में रेफ़री का अहम योगदान था.

Image caption पूरे विश्व कप के दौरान सबसे कम गोल करके भी ख़िताब जीता

इस मैच में 14 बार पीले कार्ड दिखाए गए, इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस फ़ाइनल मैच में खिलाड़ी कितनी बार फ़ाउल कर रहे थे. विजेता का अनोखा रिकॉर्ड स्पेन की टीम विश्व कप का ख़िताब तो जीत गई है, लेकिन उसने इस विश्व कप में एक अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया है.

स्पेन की टीम ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत स्विट्ज़रलैंड के हाथों मिली हार से की थी. लेकिन उसके बाद टीम संभली और फिर विश्व कप भी जीत लिया.

फ़ाइनल में उसने नीदरलैंड्स को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराया. लेकिन इस विश्व कप में उसके नाम एक रिकॉर्ड भी आ गया है. स्पेन की टीम विश्व कप की पहली ऐसी विजेता टीम है, जिसने विश्व कप के दौरान सबसे कम गोल किए.

स्पेन की टीम ने पूरे विश्व कप के दौरान सिर्फ़ आठ गोल किए. इससे पहले विजेता टीम का विश्व कप में सबसे कम गोल करने का रिकॉर्ड इटली (1938), इंग्लैंड (1966) और ब्राज़ील (1994) के नाम था, जिन्होंने विश्व कप जीतने के क्रम में सिर्फ़ 11 गोल किए थे. स्पेन की टीम इस विश्व कप में सात मैच खेली और सिर्फ़ आठ गोल किए. ज़्यादातर मैचों में उसने 1-0 से जीत हासिल की

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