युद्धपोतों के साए में जहाज़ मिस्र चला

गज़ा जा रहा जहाज़ मिस्र की तरफ मोड़ा गया
Image caption जहाज़ में 15 फलस्तीनी समर्थकों समेत खाना और चिकित्सा के उपकरण हैं

इसराइली नौसेना के जहाज़ गज़ा के लिए राहत लेकर जा रहे एक जहाज़ के साथ साए की तरह लगे हुए हैं. यह जहाज़ मिस्र की तरफ जा रहा है .

इंजन में ख़राबी की वजह से जहाज़ कुछ देर समुद्र में रुका भी रहा था.

गज़ा में बीबीसी संवाददाता के अनुसार राहत सामग्री लेकर जा रहे एमलथिया नामक जहाज़ के चारों तरफ इसराइली युद्धपोत हैं और ऐसा लगता है कि युद्धपोत जहाज़ को दक्षिण की तरफ़ जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

इसराइल ने गज़ा की आर्थिक नाकेबंदी कर रखी है. गज़ा के लिए राहत ले जा रहे जहाज़ की व्यवस्था गद्दाफ़ी फाउंडेशन ने की है. एमलथिया नामक इस जहाज़ पर मोलडोवा का झंडा लगा हुआ है.

इसराइली नौसेना के चार जंगी जहाज़ों ने एमलथिया नाम के इस जहाज़ पर कड़ी निगरानी रखी हुई है.

इससे छह हफ्ते पहले एक जहाज़ ने गज़ा की आर्थिक नाकेबंदी तोड़कर राहत पहुंचाने की कोशिश की थी लेकिन इसराइली कार्रवाई में नौ राहतकर्मियों की मौत हो गई थी.

सोमवार को इसराइली सेना ने कहा था कि इस मामले की जांच में उच्च स्तर पर कई ग़लतियां पाई गईं

उस घटना के बाद गज़ा में प्रवेश पर लगी पाबंदी को तोड़ने की यह पहली कोशिश हो रही है.

इसराइली फौज ने ऐलान किया था कि नौसेना ने मंगलवार को एमलथिया के गज़ा के करीब पहुंचने पर उसे रोकने की तैयारियां शुरु कर दी थीं. इस काम में पहले जहाज़ की पहचान करके उससे संपर्क साधा गया था.

लेकिन इसराइली फौज के अधिकारियों ने कहना न मानने पर जहाज़ पर मौजुद लोगों को मारने की बात से साफ इंकार किया है.

कौन कह रहा है सच

आख़िर किसने जहाज़ को मिस्र की तरफ जाने को कहा इस बात पर सब अलग अलग बातें कह रहे हैं.

गद्दाफी फाउंडेशन ने कहा है कि इसराइल ने एमलथिया जहाज़ को मिस्र की तरफ अपना रुख़ बदलने की चेतावनी दी थी लेकिन जहाज़ इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दे रहा है.

Image caption 15 फलस्तीनी समर्थक भी जहाज़ पर मौजूद

उधर इसराइली अधिकारियों का कहना है कि एमलथिया जहाज़ के कप्तान जहाज़ को मिस्र की तरफ मोड़ने के लिए मान गए थे लेकिन जहाज़ में कोई तक़नीकी ख़राबी आने के कारण उसे कुछ देर समुद्र में ही रुकना पड़ा.

इसराइली अधिकारियों ने यह भी कहा कि एमलथिया के कप्तान ने मिस्र के पोर्ट ऑफ अल- अरिश की तरफ जहाज़ मोड़ने का मिस्र की तरफ से आए प्रस्ताव को ख़ुद ही स्वीकार किया था

जहाज़ पर मौजूद सदस्यों ने इसराइल के रेडियो स्टेशन पर कहा था कि इंजन में ख़राबी आ गई थी.

गद्दाफी फाउंडेशन के प्रमुख मुअम्मर गद्दाफी ने कहा , “जंगी जहाज़ों ने अमलथिया के कप्तान को अल- अरिश तट पर जाने के लिए कहा और ज़ोर दिया कि जहाज़ को घुसने की इजाज़त बिल्कुल नहीं दी जाएगी.”

पिछले तीन साल से इसराइल ने गज़ा पर आर्थिक पाबंदी लगा रखी है. सिर्फ उन सामान पर ज़्यादा सख़्ती नहीं बरती जाती जो लोगों की मदद के लिए भेजे जा रहे हों.

हालांकि पिछले महीने उसने ऐलान किया था कि वो हथियारों की आवाजाही को छोड़कर लोगों के लिए ज़रूरी सामान पर सख़्ती नहीं बरतेगा.

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