अर्जेंटीना:समलैंगिक शादी पर क़ानूनी मुहर

  • 15 जुलाई 2010
Image caption अर्जेंटीना समलैंगिक विवाह को क़ानूनी रूप से इजाज़त देने वाला पहला लातीनी देश बना

अर्जेंटीना समलैंगिक विवाह को क़ानूनी रूप से वैध घोषित करने वाला पहला लातिनी अमरीकी देश बन गया है.

कई घंटों तक चली बहस के बाद अर्जेंटीना की संसद के ऊपरी सदन ने आख़िरकार समलैंगिक विवाह के पक्ष में मत कर दिया.

अब अर्जेंटीना नीदरलैंड्स, स्वीडन, पुर्तगाल और कनाडा जैसे देशों में शामिल हो गया है

अर्जेंटीना की संसद के ऊपरी सदन में समलैंगिक विवाह को मंज़ूरी दे रहे विधेयक को कुल 33 वोटों का समर्थन मिला जबकि 27 का समर्थन नहीं मिला. लेकिन बहुमत समलैंगिकों को विवाह करने और बच्चा गोद लेने का अधिकार देता है.

समलैंगिक विवाह पर बने दो दल

अर्जेंटीना के लिए ये मुद्दा इतना गर्म था कि वहां के लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई थी, रूढ़ीवादी और उदार पंथी.

कई धार्मिक गुरुओं ने इस विधेयक को लाने का काफ़ी विरोध किया था.

अर्जेंटीना के कैथोलिक गिरजाघर के प्रमुख ने कहा , “ ये विधेयक परिवार ईकाईयों को तबाह कर देगा”

उनके हज़ारों समर्थकों ने विधेयक पर होने वाली बहस से एक दिन पहले कांग्रेस के सामने विरोध प्रदर्शन किया था.

राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांडेज़ ने कैथोलिक गिरिजाघरों के विरुद्ध जाकर विधेयक का समर्थन किया.

क्या है नया क़ानून

Image caption पिछले साल ही मेक्सिको के अधिकारियों ने समलैंगिक विवाह को वैध किया था

नया क़ानून समलैंगिकों को आपस में विवाह करने की इजाज़त देता है.

माता- पिता बनने की उनकी ख़्वाहिश को भी ध्यान में रखते हुए समलैंगिकों को बच्चा गोद लेने का अधिकार भी दिया गया है.

नए क़ानून में किए गए बदलाव में जहां पुरुष और महिला के बीच विवाह जैसे शब्द लिखे गए थे उन्हें बदलकर साथी शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

जीत ली जंग

विधेयक को मंज़ूरी मिलने से समलैंगिकों के अधिकारों के समर्थकों ने बाहर ठंड में जश्न मनाया. कई बैनर्स और नारों के साथ उन्होंने अपनी ख़ुशी जताई.

पिछले साल ही मेक्सिको के अधिकारियों ने समलैंगिक विवाह को क़ानूनी रूप से रज़ामंदी दी थी.

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