बिहार विधानसभा में बवाल,कुर्सी-मेज़ तोड़े

  • 20 जुलाई 2010
बिहार विधानसभा में हंगामा
Image caption पटना हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.

बिहार विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई मारपीट के बाद 76 विपक्षी विधायकों ने रात भर विधानसभा के बाहर धरना देने का एलान किया है.

मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और विधायकों ने सदन की कुर्सी और मेज़ तोड़ डाले.

दरअसल विपक्षी दल बिहार सरकार के ख़िलाफ़ 11,000 करोड़ से भी ज़्यादा के कथित घपले के आरोप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कर रहे थे.

इसी दौरान सत्तापक्ष के सदस्य भी विपक्षी दलों के शोर शराबे का विरोध करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए. इसके बाद दोनों तरफ़ से धक्का मुक्की शुरु हो गई. विधायकों ने बेंच और कुर्सियां तोड़ डालीं और एक दूसरे पर जमकर घूसेबाज़ी हुई.

लगभग दस मिनट तक सदन में यही बवाल चलता रहा. इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी सदन में मौजूद थे.

हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.

सदन के अंदर हुई इस मारपीट में छह विधायकों को चोट आई हैं. चोटिल विधायकों में राष्ट्रीय जनता दल की महिला विधायक प्रेमा चौधरी भी शामिल हैं.

ये हंगामा सरकारी ख़ज़ाने से निकाले गए 11,412 करोड़ रुपए के हिसाब-किताब में गड़बड़ी के आरोप को लेकर किया गया.इस सिलसिले में पटना हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है.

'ख़ज़ाना छोड़, गद्दी छोड़' से बवाल

नीतीश सरकार पर लगे 11,412 करोड़ के घपले के आरोप में मंगलवार को प्रतिपक्ष के विधायकों ने नारेबाज़ी शुरु कर दी. नारा था ‘ख़ज़ाना छोड़, गद्दी छोड़’.जब हंगामा बहुत बढ़ गया तब विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.

नारेबाज़ी के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तमतमाते हुए अपनी कुर्सी से उठे और ग़ुस्से में कुछ बोलने लगे. उस शोर शराबे में उन्होंने क्या बोला ये अभी साफ़ नहीं है.

लेकिन विपक्ष का आरोप है कि नीतीश कुमार ने ही सत्तापक्ष के विधायकों को मारपीट करने के लिए उकसाया क्योंकि उनके ग़ुस्से में कुछ बोलने के बाद ही सत्तापक्ष के विधायक भड़क उठे और मारपीट शुरु कर दी.

महिला विधायक का 'हाथ मरोड़ा'

इस मारपीट में छह विधायकों को चोटें आई हैं जिनमें से एक राष्ट्रीय जनता दल की महिला विधायक प्रेमा चौधरी भी हैं. प्रेमा चौधरी ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा, "मेरा हाथ मरोड़ा गया, हमें घेरा गया और हमें दबा दिया गया. मेरे हाथ पर चोट आई है और ये सब भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के विधायकों ने किया."

प्रेमा चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान सत्तापक्ष के विधायकों को कहा कि इन सबको मारो.

आरजेडी के विधायक अशोक प्रसाद वर्मा ने कहा, " मै टेबल के बगल में खड़ा था, हंगामा कर रहे विधायकों ने टेबल को धक्का दिया, उसे पलट दिया और कुर्सी फेंक कर हमला किया. हमें दो-चार विधायक मदद नहीं करते तो आज हमारी हत्या हो जाती".

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