दो सौ साल से अधिक पुरानी शैम्पेन

गोताखोरों को मिली शैम्पेन
Image caption इस शैम्पेन को वाव क्लिको नामक कंपनी ने 18वीं शताब्दी में तैयार किया था

गोताखोरों को बाल्टिक सागर में शैम्पेन की 30 बोतलें मिली हैं जिनके बारे में माना जा रहा है कि वो फ़्रांस की क्रांति के पहले की हैं.

जानकारों का कहना है कि शैम्पेन की इन बोतलों को 1782 से 1788 के बीच क्लिको (जिसका नाम इस समय वाव क्लिको हो गया है) नामक कंपनी ने तैयार किया था. ये शैम्पेन अभी भी अच्छी दशा में हैं.

इन बोतलों की आकृति से पता चलता चलता है कि इनको 18वीं शताब्दी में तैयार किया गया. परीक्षण के लिए इनको फ़्रांस भेज दिया गया है.

यह बात तो तय है कि यह दुनिया में सबसे पुरानी शैम्पेन है. ये बोतलें बाल्टिक सागर में उस समय मिलीं जब गोताखोर क्रिस्चियन इकस्टार्म अपने साथियों के साथ नष्ट हो चुके एक जहाज़ के टुकड़ों की तलाश कर रहे थे.

उन्हें जब ये बोतलें मिलीं तो उन्होंने अपने साथियों के साथ इसका स्वाद चखा.

रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में क्रिस्चियन इकस्टार्म ने बताया, "इसका स्वाद काफ़ी मीठा था और तंबाकू की हल्की गंध थी. इसमें काफ़ी छोटे बुलबुले थे."

दो सौ साल से अधिक पुरानी

फ़्रेंच न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक क्लिको शैम्पेन को सबसे पहले 1772 में तैयार किया गया था लेकिन फिर इसके उत्पादन को 10 वर्षों के लिए स्थगित कर दिया गया. फ़्रांस की क्रांति (1789 में) के बाद इसका उत्पादन बंद कर दिया गया.

समुद्र के ठंडे वातावरण में यह शैम्पेन पूरी तरह से सुरक्षित थी.

अगर इसके निर्माण का साल 1780 के दशक का पाया जाता है, तो इस समय दुनिया की सबसे पुरानी शैम्पेन (1825 में बनी पेरियर जुवेट की बोतल) से यह 40 साल पुरानी होगी.

शराब से जुड़े जानकारों का मानना है कि इसकी नीलामी से 45,000 पौंड के आस-पास धनराशि मिलेगी.

शैम्पेन की बोतलें आलैंड के तट पर पाई गईं थीं जो फिनलैंड का स्वायत्तशासी भाग है. अब, यहां के स्थानीय अधिकारी इस बात का फ़ैसला करेंगे कि जहाज के टुकड़ों और शैम्पेन का क्या किया जाए.

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