ऐसी जगह जहां मानव बलि दी जाती थी

मानव कंकाल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption यहां पर 60 मीटर लंबा हाल है जहां पर कम से कम छह मानव कंकाल पाए गए हैं.

पेरू के पुरातत्वविदों ने एक ऐसी जगह की खोज की है जिसके बारे में उनका मानना है कि उसका इस्तेमाल छठवीं शताब्दी में मानव वध के लिए किया जाता था.

इस जगह का नाम लैम्बेक है जो पेरू के उत्तरी इलाक़े में स्थित है.

यहाँ एक 60 मीटर लंबा हॉल है जहाँ पर कम से कम छह मानव कंकाल पाए गए हैं. हॉल को काफ़ी ख़ूबसूरती से सजाया गया है.

उसकी दीवारें कई अलग-अलग रंगों में रंगी गई हैं.

पुरातत्वविदों की टीम का नेतृत्व करने वाले कार्लोस वेस्टर ला टोरे का कहना है कि इसका निर्माण मोचे लोगों ने किया था.

मोचे लोगों की सभ्यता एक कृषि आधारित विकसित सभ्यता थी जो 100 वर्ष ईसा पूर्व से लेकर 800 ईस्वी के बीच पनपी.

इसका अस्तित्व पेरू के 'इंका' साम्राज्य के पहले था.

बलि के लिए

इस खोज से मोचे लोगों के समारोह के बारे में प्रचलित सिद्धांतों को बल मिलता है जिसे 'प्रस्तुतिकरण' कहा जाता था.

शोध से जुड़े पुरात्वविदों का मानना है इस समारोह में युद्ध बंदियों की बलि चढ़ाई जाती थी.

इस जगह की ली गई तस्वीर में फर्श पर कम से कम छह मानव कंकाल दिखाई पड़ते हैं.

वेस्टर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "समारोह के लिए उपयोग में लाए जाने वाले इस हॉल में मौजूद चीजों से मोचे समुदाय के अभिजात्य लोगों की उपस्थिति और मानव बलि के प्रमाण मिलते हैं."

साठ मीटर लंबा हॉल में पाँच सिंहासन और तीन गलियारे दिखाई देते हैं.

पेरू दुनिया की उन जगहों में से एक मानी जाती है जहाँ सबसे पहले कृषि सभ्यता विकसित हुई.

पिछले 25 सालों में यहाँ पुरातत्वविदों को मोचे समुदाय के समृद्ध लोगों और शासकों के क़ब्र और कलाकृतियों के ढेर मिले हैं.

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