मंत्रालय ने स्नैक्स पर लुटाए लाखों

कई मंत्रालयों ने अपनी बैठकों में बोतल बंद पानी और स्नैक्स पर रक़म ख़र्च करने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पीछे छोड़ दिया है.

हिसार के आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा ने इस संबंध में जानकारी मांगी थी.

इसके जवाब में सभी मंत्रालयों ने जो जानकारी दी है उससे यह पता चला कि कौन सा मंत्रालय स्नैक्स और मिनरल वॉटर पर कितना ख़र्च कर रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नाश्ते के नाम पर प्रधानमंत्री कार्यालय से आठ गुना ज़्यादा राशि स्नैक्स और बोतल बंद पानी पर ख़र्च की.

जानकारी

पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्नैक्स और बोतल बंद पानी पर 94 लाख रुपए ख़र्च किए, वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस अवधि में इसी मद में 11.77 लाख रुपये ख़र्च किए हैं.

आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा ने वर्ष 2008-09 और 2009-2010 में सभी मंत्रालयों से स्नैक्स और बोतल बंद पानी पर ख़र्च की गई राशि के संबंध में जानकारी मांगी थी.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने जवाब में बताया है कि वर्ष 2008-09 में इस मद में 49.45 लाख और 2009-2010 में 44.62 लाख रुपए अर्थात दो वर्षों में कुल 94.07 लाख रुपए ख़र्च किए गए हैं.

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस मद में उसी अवधि में कुल 41.42 लाख रुपए, जल संसाधन मंत्रालय ने 20.73 लाख, पेट्रोलियम मंत्रालय ने 19.5 लाख, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बोतल बंद पानी पर 35 हज़ार रुपए और पिछले दो वर्षों में स्नैक्स पर 14 लाख रुपए ख़र्च किए हैं.

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