'गुरु मोहन' बने व्यक्ति को जेल

  • 27 जुलाई 2010

गेरुए वस्त्र पहने ‘मोहन सिंह’ ख़ुद को लोगों के सामने गुरु के रुप में पेश करते हैं. बलात्कार और महिला पर हमला करने के आरोप में ब्रिटेन में उन्हें दस साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

दरअसल इस शख़्स का असल नाम माइकल लायन्स हैं जो ऐसी महिलाओं को शिकार बनाता था जो उनके पास ‘आध्यात्मिक मार्गदर्शन’ के लिए आती थीं.

उनकी ज़्यादातर अनुयायी महिलाएँ थीं. ब्रिटेन, अमरीका और न्यूज़ीलैंड से 11 महिलाओं ने माइलक के ख़िलाफ़ गवाही दी है हालांकि माइकल लायन्स ने आरोपों से इनकार किया है.

अदालत ने उनका नाम सेक्स ऑफ़ेंडर लिस्ट में रखा है और अदालती आदेश के तहत वे ऐसी किसी भी महिला को छू तक नहीं सकते जिन्हें वे छह महीने से कम समय से जानते हों.

चार महीने तक चली सुनवाई में माइकल ने ख़ुद गवाही नहीं दी पर अपने पक्ष में 50 गवाहों को बुलाया जिनमें से कई उनके अनुयायी थे. कुछ लोगों का दावा था कि वो कैंसर ठीक कर सकते हैं और एक को यक़ीन था कि माइकल के पास एक्स-रे जैसी दृष्टि है.

फ़ोटो नहीं खिंचवाई

बताया जाता है कि माइकल लायन्स के लंदन, सैलफ़र्ड, लॉस एजेंलिस और मयामी में घर हैं.

माइकल अकसर अपनी महिला अनुयायियों को बताते थे कि वे कई आध्यात्मिक गुरुओं को जानते हैं, हॉलीवुड में उनकी जान पहचान है और कुछ सितारों के साथ उनके फ़ोटे भी थे.ये भी पता चला है कि 70 के दशक में माइकल ओशो के अनुयायी थे.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान आते-जाते समय माइकल लॉयन्स ने इसके लिए हर संभव प्रयास किया कि कोई उनकी तस्वीर न खींच पाए. कोर्ट आने से पहले उनके अनुयायी पहले आस पास के इलाक़े का मुआयना करते थे.

एक दिन बीबीसी की टीम अदालत परिसर से बाहर निकलने वाले वार्ग पर खड़ी रही लेकिन माइकल नहीं आया. पूछताछ के बाद पता चला कि माइकल ने अदालत में कपड़े और मेक अप स्मगल करवाए थे.

जमैका मूल के काले व्यक्ति माइकल अदालत से एक गोरे पुरुष या महिला के तौर पर निकल गए.

तीन साल से इस मामले की जाँच कर रहे सार्जेंट निकलस जाइल्स बताते हैं कि गवाहों ने बताया कि माइकल अपने अनुयायियों को नींद से दूर रखते थे और मनोवैज्ञानिक तौर पर उन्हें परेशान करते थे.

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