बांग्लादेश के राष्ट्रगान की रिंग टोन

Image caption बांगलादेश में मोबाइल फ़ोन के छ करोड़ उपभोक्ता हैं

बांग्लादेश के राष्ट्रगान को मोबाइल फ़ोनों के रिंग टोन के रूप में प्रयोग करने पर रोक लगा दी गई है.

राजधानी ढाका के उच्च न्यायालय ने राष्ट्रगान के रिंगटोन बेच कर कमाई करने वाले तीन मोबाइल फ़ोन नेटवर्कों पर जुर्माना भी किया है.

बांग्लादेश मोबाइल फ़ोन का एशिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता बाज़ार है.

इस समय वहां छ करोड़ उपभोक्ता हैं और आशा की जाती है कि 2015 तक ये संख्या दोगुनी हो जाएगी.

इसीलिए मोबाइल फ़ोन ऑपरेटरों के बीच भारी प्रतिद्वन्द्विता रहती है और वो उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए नई नई व्यापारिक युक्तियां इस्तेमाल करते रहते हैं.

इसी स्पर्द्धा में कुछ कम्पनियों ने देशभक्त बांगलादेशियों को आकर्षित करने के लिए राष्ट्रगान की रिंग टोन बना डाली और उसे उपभोक्ताओं को बेचकर धन भी कमाया.

लेकिन 2006 में सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने बांग्लादेश के राष्ट्रगान के व्यावसायिक उपयोग के ख़िलाफ़ अदालत में याचिका दायर की.

उनका कहना था कि देश के संविधान में राष्ट्रगान के प्रयोग के कुछ नियम हैं और रिंग टोन के रूप में उसका इस्तेमाल उन नियमों का उल्लंघन है.

ढाका के हाई कोर्ट ने राष्ट्रगान के इस व्यावसायिक प्रयोग को अवैध बताया और तीन मोबाइल कम्पनियों ग्रामीण फ़ोन, बांगलालिंक और रोबी पर 50- 50 लाख टाका का जुर्माना ठोक दिया.

ज़ुबैर रहमान चौधरी और फ़राह महबूब के खंडपीठ ने इन कम्पनियों को आदेश दिया है कि वे एक महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी तीन कल्याणकारी संस्थाओं को 15 लाख टाका दें.

जुलाई में बांग्लादेश ने राष्ट्र ध्वज या राष्ट्रगान का अपमान करने वालों को दंडित करने के लिए नए क़ानून पारित किए हैं.

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