यूएई में लगेगी ब्लैकबेरी पर रोक

  • 1 अगस्त 2010

संयुक्त अरब अमीरात अक्टूबर से ब्लैकबेरी मोबाइल की कुछ सेवाओं पर रोक लगाने जा रहा है.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को चिंता है कि इसकी वजह से बहुत सारे आकड़े विदेशी संगठनों के पास तुरंत चले जाते हैं जिसका वे अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करते हैं.

यूएई की दूरसंचार नियामक टीआरए (ट्रा) का कहना है कि पिछले सप्ताह ये ब्लैकबेरी डिवाइस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे.

इसी तरह पिछले साल सरकारी टेलीकॉम कंपनी की ओर से ब्लैकबेरी के हैंडसेट में स्पाईवेयर इंस्टाल करने का कथित प्रयास किया गया था.

ब्लैकबेरी के निर्माता रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने अभी तक यूएई के हालिया रिपोर्ट पर कोई बयान नहीं दिया है.

2007 के मामले पर वापस आते हैं, जब ट्रा ने आरआईएम को इंक्रीप्टेड नेटवर्क के लिए कोड का उपयोग करने की अनुमति दी, जो कि ई-मेल और दूसरे डाटा पर निगरानी रख सके.

यूएई में लगभग पांच लाख लोग ब्लैकबेरी इस्तेमाल करते हैं.

निगरानी

सरकारी समाचार एजेंसी ने ट्रा के बयान के हवाले से कहा है, "जब तक स्थानीय कानून के मुताबिक उसका हल न निकाल लिया जाए तब तक ब्लैकबेरी की कुछ सेवाओं को 11 अक्टूबर से बंद किया जाएगा."

ट्रा के महानिदेशक मोहम्मद अल-घानम ने समाचार एजेंसी रायटर्स से कहा, "यह अंतिम फ़ैसला है लेकिन हमलोग लगातार उनसे इस मामले पर बातचीत कर रहे हैं. सेंसरशिप को इससे कुछ भी नहीं मिलने वाला. हम बात कर रहे हैं कि क्या यह रोक संयुक्त अरब अमीरात दूर संचार के नियमों के अनुपालन में कमी के कारण है."

बीबीसी के मध्य-पूर्व बिजनेस संवाददा बेन थांपसन का कहना है कि कि संयुक्त अरब अमीरात चाहता है कि ब्लैकबेरी या तो अपने सिक्योरिटी कोड उन्हें दे या फिर देश के बड़े बाज़ार को छोड़ दे.

भारत ने भी ब्लैकबेरी डेटा सर्विस को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जतायी हैं कि कहीं वे आतंकवादियों के हाथों में न पड़ जाए.

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