तालिबान से हार रहे हैं: ज़रदारी

  • 3 अगस्त 2010
आसिफ़ अली ज़रदारी
Image caption आसिफ़ अली ज़रदारी ने चरमपंथ के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की लड़ाई को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जा़हिर की है

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के ख़िलाफ़ जंग हार रहा है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार फ़्रांस के चर्चित अख़बार ला मॉंड को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में दिल और दिमाग पर जीत के लिए जो लड़ाई थी उसमें हार मिली है.

ज़रदारी ने कहा, "मेरा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जिसका एक अंग पाकिस्तान भी है, तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई हार रहा है."

ज़रदारी फ़्रांस के दौरे पर है जहाँ से वो मंगलवार को पाँच दिनों की यात्रा पर ब्रिटेन जा रहे हैं.

प्रतिबद्धता पर सवाल

हाल ही में भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने के लिए ज़रूरी क़दम नहीं उठा रहा है.' साथ ही उन्होंने पाकिस्तान से 'आंतकवाद के निर्यात' को बंद करने की अपील की थी.

कैमरन के इस बयान के बाद इस्लामाबाद में हलचल मच गई ًًऔर दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में काफ़ी कड़वाहट दिखी है.

ज़रदारी ने कहा, "आतंकवाद से लड़ने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर कुछ लोग संदेह कर रहे हैं जो दुखद है. इससे आतंकवाद और चरमपंथ से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास कमजोर ही होगा."

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच सतह के नीचे तनाव के बावजूद दोनों सरकारों की कोशिश होगी कि तनाव पर काबू पाया जाए.

गौ़रतलब है कि विकीलीक्स वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के बाद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान के सहयोग को लेकर पश्चिमी देशों में सवाल उठाए गए हैं.

अमरीकी सेना के गुप्त दस्तावेजों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध में तालिबान की मदद की है.

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