ड्रग वॉर में '28 हज़ार मारे गए'

मैक्सिको में सुरक्षा बल
Image caption अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर मौतें गिरोहों के आपसी संघर्ष में हुई हैं

मैक्सिको में अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2006 से अब तक नशीली दवाओं से जुड़ी हिंसा में 28 हज़ार लोग मारे गए हैं.

इसी समय राष्ट्रपति फ़िलिपे कालडेरॉन के नशीली दवाओं के गिरोहों के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की घोषणा की थी.

राष्ट्रीय ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख गुइलेरमो वॉल्डेस ने नए आँकड़े जारी करते हुए कहा है कि इस बीच नशीली दवाओं के गिरोहों की ताक़त ख़त्म करने में काफ़ी सफलता मिली है.

लेकिन उनका कहना है कि संगठित गिरोहों और बढ़ती हिंसा की वजह से प्रशासन कठिन चुनौती का सामना कर रहा है.

मारे गए ज़्यादातर लोग गिरोहों की आपसी हिंसा में मारे गए हैं.

नए आंकड़े पुराने आंकड़ों की तुलना में काफ़ी अधिक हैं क्योंकि इससे पहले 24,800 लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी.

ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख वॉल्डेस ने राष्ट्रपति कालडेरॉन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नशीली दवाओं के गिरोहों से निपटने के लिए नई रणनीति पर विचार करने के बाद ये आंकड़े जारी किए हैं.

उनका कहना है कि राष्ट्रपति कालडेरॉन के पद संभालने के बाद इन गिरोहों के साथ सुरक्षा बलों की 963 मुठभेड़ें हुई हैं, यानी औसतन हर दिए एक मुठभेड़.

इस दौरान पुलिस और सेना ने मिलकर 84 हज़ार हथियार, 35 हज़ार वाहन और 40 करोड़ डॉलर से ज़्यादा राशि ज़ब्त की है, जिसके बारे में अनुमान है कि यह नशीली दवाओं के व्यापार से कमाई हुई राशि है.

वॉल्डेस का कहना है कि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है.

उनका कहना है कि सरकार को काले धन को सफेद करने की प्रक्रिया को रोकने के प्रयास करने होंगे और उन सरकारी संस्थाओं को मज़बूती प्रदान करनी होगी जो सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के मामले में अभी भी कमज़ोर साबित हो रहे हैं.

उनका कहना है, "सरकार के पास अभी भी उन गिरोहों से चुनौतियों का सामना कर रही है जिनके पास बड़ी संख्या में हथियार हैं और भ्रष्ट करने की बड़ी क्षमता है."

उन्होंने कहा है कि इलाक़ों पर कब्ज़े के लिए और अमरीका तक नशीली दवाएँ तस्करी करने वाले रास्ते के लिए गिरोहों के बीच जो संघर्ष होता है उससे पूरे मैक्सिकों में असुरक्षा का माहौल बढ़ा है.

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