जब चर्चिल ने कहा -'50 साल तक राज़ रखें'

उड़नतश्तरी
Image caption तत्कालीन प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने उड़नतश्तरी की बात को गुप्त रखने के आदेश दिए थे

ब्रितानी राष्ट्रीय अभिलेखागार ने 1950 के दशक के कुछ दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं जिनमें कहा गया है कि उस समय ब्रितानी सरकार को उड़नतश्तरियों का ख़ौफ़ सता रहा था.

बात इतनी गंभीर हो गई थी कि उस समय के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने इस बात को 50 साल तक राज़ रखने का आदेश दिया था.

गुरुवार को सार्वजनिक की गई फ़ाइलों से सामने आया है कि 1950 के दशक में सरकार ने उड़नतश्तरियों के डर की वजह से अपने वरिष्ठ ख़ुफ़िया जानकारों की एक बैठक बुलाई थी और इस मामले की गंभीरता पर चर्चा की थी.

ये फ़ाइलें नेशनल आर्काइव यानि राष्ट्रीय अभिलेखागार ने सार्वजनिक कर दी हैं. इन्हें उनकी वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है.

गुप्त थे दस्तावेज़

उड़नतश्तरी के दस्तावेज़ अब तक राष्ट्रीय अभिलेखागार के कब्ज़े में थे. ये दस्तावेज़ इस बात को दर्शाते हैं कि वर्ष 1957 में संयुक्त ख़ुफ़िया समिति (जेआईसी) को हफ़्ते में औसतन एक बार तो उड़नतश्तरी देखे जाने का विवरण मिला था.

इनमें से ज़्यादातर घटनाओं के लिए स्पष्टीकरण दिया गया था लेकिन जेआईसी की साप्ताहिक रिपोर्ट के सर्वेक्षण में उड़नतश्तरी दिखने की कुछ घटनाएं रहस्यमयी हैं.

जेआईसी यानि संयुक्त ख़ुफ़िया समिति को अक्सर सरकार को सुरक्षा और विदेशी मामलों का विवरण देने के लिए जाना जाता है.

इन फ़ाइलों में इसका भी उल्लेख है कि युद्ध के समय में उड़नतश्तरी और आरएएफ़ के बमवर्षकों के बीच कथित मुठभेड़ को लेकर तब प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल ने गहरी चिंता जताई थी. फ़ाइलों में ये भी कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री एक बैठक में भी शामिल हुए थे जिसमें उन्होंने लोगों में खलबली होने से रोकने के लिए इस मुठभेड़ को कम से कम 50 सालों तक राज़ रखने के आदेश दिए थे.

दूसरे दस्तावेज़ के अनुसार बीते कुछ सालों में सरकार को उड़नतश्तरी देखने को लेकर लोगों ने कई पत्र भी लिखे हैं. उड़नतश्तरी देखने का दावा करने वाले ऐसे लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

हालांकि उड़नतश्तरियों पर किताब लिखने वाले डॉक्टर डेविड क्लार्क ने कहा, "उड़नतश्तरियां दिखने के इन विवरण को एलियन का जीवन होने का सबूत नहीं मानना चाहिए."

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