हिरोशिमा पर परमाणु हमले की 65वीं बरसी

हिरोशिमा बम हमले की बरसी
Image caption हिरोशिमा पर बम हमले की 65वीं बरसी पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने फूल चढ़ाए.

जापान के शहर हिरोशिमा पर परमाणु हमले की 65वीं बरसी मनाई जा रही है.

पहली बार हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराने वाले देश अमरीका की ओर से एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

दूसरे विश्व युद्ध के आख़िरी दिनों में 6 अगस्त 1945 को एक अमरीकी हवाई जहाज़ ने इस शहर पर परमाणु बम गिराया था. बम गिराए जाने के कुछ महीनों के भीतर ही एक लाख चालीस हज़ार लोग मारे गए थे.

तीन दिनों बाद 9 अगस्त 1945 को जापान के एक और शहर नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था. उस हमले के बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया.

गीत और घंटियां

आज 65वीं बरसी पर बम गिरने के स्थल पर स्कूली बच्चों ने मिलकर गीत गाए और घंटियां बजाई गईं. सुबह 8 बजकर 15 मिनट एक मिनट का मौन भी रखा गया. वर्ष 1945 में इसी समय हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने हिरोशिमा के 'पीस मेमोरियल पार्क' में फूल चढ़ाए.

उन्होंने 74 देशों से आए 55,000 लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "जीवन छोटा होता है लेकिन यादें लंबी होती हैं. समय आ गया है जब हम दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करें."

जापान दुनिया भर से परमाणु हथियारों को मुक्त करने पर ज़ोर दे रहा है.

परमाणु निःशस्त्रीकरण

हिरोशिमा के मेयर ने अमरीकी राजदूत जॉन रॉस को यहां भेजे जाने के अमरीकी फ़ैसले का स्वागत किया.

रॉस ने कहा, "यह मेमोरियल परमाणु निःशस्त्रीकरण की तरफ़ इच्छाशक्ति दिखाने का मौका है. हमें भावी पीढ़ियों की खातिर दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए."

रॉस के आगमन को देखते हुए इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति अपने आगामी जापान दौरे में हिरोशिमा आ सकते हैं.

अगर ऐसा होता है तो इस शहर की यात्रा करने वाले वे पहले अमरीकी राष्ट्रपति होंगे.

कुछ जापानियों ने मांग की है कि अमरीका परमाणु हमले के लिए माफ़ी मांगे, लेकिन ऐसा फिलहाल संभव नहीं लगता है.

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