मुसलमान आतंकवाद के सबसे बड़े शिकार

  • 7 अगस्त 2010
तालिबान

वर्ष 2009 में दुनिया भर में क़रीब 48,000 लोग आतंकवादी वारदातों में मारे गए या घायल हुए. इनमें से आधे से ज़्यादा मुसलमान थे जो इराक़, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में सुन्नी अतिवादी हमलों के शिकार हुए.

अमरीका के ‘नेशनल काउंटरटेरोरिज़्म सेंटर’ (एनसीटीसी) की वर्ष 2009 के दौरान आतंकवाद पर रिपोर्ट में ये आंकड़े दिए गए हैं.

एनसीटीसी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009 में हुए कुल चरमपंथी हमलों में से 60 फ़ीसदी हमले इराक़, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में हुए.

रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले साल दुनिया के 83 देशों में क़रीब 11,000 आतंकवादी हमले हुए जिनमें लगभग 15,000 लोगों ने अपनी जान गंवाई. लेकिन 2008 में आतंकवाद की वजह से हुई मौतों की संख्या से इसकी तुलना करके देखें तो इसमें पाँच फ़ीसदी की गिरावट आई.

वर्ष 2009 में सर्वाधिक हमले दक्षिण एशिया में हुए और इस क्षेत्र में आतंकवाद के कारण दुनिया के किसी भी हिस्से के मुक़ाबले सबसे अधिक लोगों ने जानें गंवाईं.

निशाने पर दक्षिण एशिया

एनसीटीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2009 में कुल 10,999 हमले हुए जिनमें से 44 फ़ीसदी यानी 4,850 चरमपंथी हमले दक्षिण एशिया में हुए.

दक्षिण एशिया में हुए हमलों में कुल 6,270 लोगों की मौत हुई यानी दुनिया भर में मारे लोगों में से 42 फ़ीसदी इसी क्षेत्र में मारे गए.

भारत में आतंकवादी वारदातों में 663 लोगों की जान गई जबकि पाकिस्तान में 2,670 लोग चरमपंथी हिंसा का शिकार हुए. अफ़गानिस्तान में 2,778 की मौत आंतकवाद के कारण हुई.

रिपोर्ट के अनुसार चरमपंथ के कारण इराक़ में वर्ष 2009 में भी सर्वाधिक हमले और मौतें हुईं.

इराक़ लगातार चौथी बार इस सूची में सबसे ऊपर रहा है. वहाँ वर्ष 2009 में 3,654 लोग मारे गए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अपहरण के सबसे अधिक 3,366 मामले पाकिस्तान से सामने आए. अपहरणों के मामले में भारत 2,088 की संख्या के साथ दूसरे स्थान पर रहा.

सुन्नी चरमपंथ

अमरीका के ‘नेशनल काउंटरटेरोरिज़्म सेंटर’ की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009 में हुए आतंकवादी हमलों में से आधों के पीछे सुन्नी चरमपंथियों का हाथ था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान ने इस दौरान सर्वाधिक हमलों की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ली.

तालिबान के बाद सबसे घातक साबित हुए अल-शबाब और इराक़ में मौजूद अल-क़ायदा.

सुन्नी चरमपंथियों ने सबसे बड़ा हमला अक्तूबर 2009 में बग़दाद में किया जिसमें 155 लोगों की मौत हुई.

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009 में 2008 के मुक़ाबले कम आत्मघाती हमले हुए. वर्ष 2008 में 405 आत्मघाती हमले हुए थे जबकि 2009 में 299 हमले हुए.

इनमें से सबसे अधिक 99 आत्मघाती हमले अफ़गानिस्तान में और 84 हमले पाकिस्तान में हुए.

सात आत्मघाती हमलों में महिला फ़िदायीन शामिल रहीं.

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