कैमरन ने संबंध बताए

  • 6 अगस्त 2010
आसिफ़ अली ज़रदारी और डेविड कैमरन
Image caption ज़रदारी अपने परिवार के साथ कैमरन से मिलने पहुँचे

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कूटनीतिक दरार के बीच राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ मुलाक़ात के बाद कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान के साथ अटूट संबंध हैं.

और राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ मुलाक़ात के बाद लंदन से बाहर चेकर्स में प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के निवास पर हुई बैठक के बाद जारी वक्तव्य में दोनों नेता आतंकवाद का मुक़ाबला करने में आपसी सहयोग और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.

दोनों नेताओं ने ये भी कहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी हितों और विश्वास पर केंद्रित हैं.

डेविड कैमरन ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारत यात्रा के दौरान ये कह दिया था कि पाकिस्तान आतंकवाद से निपटने के मामले में दोहरी नीति नहीं अपना सकता.

उसके बाद दोनों देशों के बीच एक कूटनीतिक दरार पड़ती नज़र आने लगी थी और उसी तनाव के बीच ज़रदारी ने कैमरन से मुलाक़ात की है.

डेविड कैमरन ने लंदन से बाहर चैकर्स में आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की है जिसके बाद जारी वक्तव्य में संकल्प व्यक्त करते हुए कहा गया

है कि हाल की कूटनीतिक दरार के बावजूद दोनों देशों के बीच अटूट संबंध हैं. ये मुलाक़ात दोनों देशों के बीच उस कूटनीतिक दरार के बीच हुई जो डेविड कैमरन की हाल की भारत यात्रा के दौरान पैदा हो गई थी.

डेविड कैमरन ने कह दिया था कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के मामले में दोहरी नीति नहीं अपना सकता और पाकिस्तान स्थित कुछ तत्वों को ये इजाज़त नहीं दी जा सकती कि वो भारत, अफ़ग़ानिस्तान या किसी अन्य देश में आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तानी ज़मीन का इस्तेमाल करें.

साझी चुनौतियाँ

बीबीसी संवाददाता रीता चक्रवर्ती का कहना है कि डेविड कैमरन और आसिफ़ अली ज़रदारी के बीच इस मुलाक़ात के बाद इन दोनों नेताओं में कोई तनाव तो ज़ाहिर नहीं हुआ लेकिन ज़रदारी ने जब ये कहा कि तूफ़ान आते हैं और चले जाते हैं तो इससे मुलाक़ात के माहौल का कुछ अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

डेविड कैमरन ने ज़्यादा ज़ोर इस बात पर दिया कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में दोनों देशों के सामने एक जैसी चुनौतियाँ हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना हैकि ये मुलाक़ात काफ़ी गर्मजोशी के साथ हुई और आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति में प्रगति हुई है.

सूत्रों ने कहा कि ये दोनों देशों के बीच एकवार्षिक बैठक थी जिसमें इन दोनों नेताओं के अलावा सैनिक और सुरक्षा स्टाफ़ ने भी हिस्सा लिया.

डेविड कैमरन ने कहा कि आसिफ़ अली ज़रदारी ख़ुद भी आतंकवाद का शिकार रहे हैं जब उनकी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कर दी गई थी.

Image caption दोनों देशों में हाल के दिनों में कूटनीतिक दरार पैदा हो गई थी

ज़रदारी पर ये दबाव रहा है कि उन्हें ये हिम्मत दिखानी होगी कि वो ब्रितानी प्रधानमंत्री के साथ दो टूक बातचीत कर सकते हैं और देश से अपनी ग़ैरमौजूदगी को ऐसे समय में जायज़ ठहरा सकते हैं जब पाकिस्तान में बाढ़ से 1600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों अन्य बेघर हो गए हैं.

गुरूवार को डैविड कैमरन ने गुरूवार को ज़रदारी के सम्मान में रात्रिभोज दिया जो चैकर्स में उनके निवास पर ही आयोजित किया गया.

ज़रदारी ने मंगलवार को एक फ्रांसीसी अख़बार से बातचीत में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ान लोगों के दिल जीतने की लड़ाई हार रहा है.

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि दोनों नेताओं पर ये दिखाने की ज़िम्मेदारी रही है कि हाल के कूटनीतिक तनाव के बावजूद अनेक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग और तालमेल को इस हद तक नुक़सान नहीं हुआ है कि उसकी भरपाई ना की जा सके.

ब्रितानी प्रधानमंत्री कार्यालय - 10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा, "ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच संबंधों को और मज़बूत बनाने की दिशा में ये एक महत्वपूर्ण अवसर है और पाकिस्तान में स्थिरता, सुरक्षा, लोकतंत्र और समृद्धि को समर्थन देने का संकल्प लेने का भी ये एक अच्छा मौक़ा है."

ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी लड़ाई के लिए अच्छी ख़ासी मदद देता है और वर्ष 2010-2011 में ये सहायता राशि 95 लाख डॉलर है.

ब्रिटेन ने बाढ़ से पैदा हुई समस्या का सामना करने के लिए पहले ही पचास लाख पाउंड की राशि यूनीसेफ़ के ज़रिए दी है, इसके अलावा अतिरिक्त पचास लाख पाउंड पाकिस्तान आपदा राहत कोष को दिए हैं.

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