अफ़गानिस्तान: आम लोगों की मौतों में इजाफ़ा

  • 10 अगस्त 2010
अफ़गानिस्तान में नेटो
Image caption अफ़गानिस्तान में चल रहे संघर्ष में आम लोगों की मौतों में बढ़ोतरी हुई है.

सुयंक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार अफ़गानिस्तान में चल रहे संघर्ष में मौजूदा साल के पहले छह महीनों में 1,200 से ज़्यादा आम नागरिकों की मौत हुई है. इसी दौरान 1,997 घायल भी हुए हैं.

मृतकों की संख्या में वर्ष 2009 के पहले छह महीनों की तुलना में ये 31 प्रतिशत की वृद्धि है.

सुयंक्त राष्ट्र के मुताबिक इन मौतों के लिए अधिकतर तालिबान और अन्य विद्रोही ही ज़िम्मेदार रहे.

सयुंक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि नेटो के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय बल की कार्रवाई में मरने वाले नागरिकों की संख्या में कमी आई है.

अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई लगातार कहते रहे हैं कि नेटो के हमले में आम नागरिकों की मौतें विद्रोह को बढ़ावा मिल रहा है.

अफ़गानिस्तान में अमरीकी और नेटो कमांडर जनरल डेविड पेट्रिएस ने इसी महीने कहा था, “अफ़गानिस्तान में हर आम आदमी की मौत हमारे मक़सद को कमज़ोर करती है.”

इस वक्तव्य के बाद नंगरहार प्रांत में शवयात्रा में हिस्सा लेने जा रहे 25 लोग नेटो के हमले में मारे गए थे.

उधर तालिबान ने भी अपने लड़ाकों के लिए ‘दिशा-निर्देश’ जारी किए हैं जिनमें आम लोगों को ना मारने के लिए कहा गया है.

कड़े नियम

साल 2009 में नेटो के पूर्व कमांडर जनरल स्टेनली मैक्रिस्टल ने निर्देश जारी किए थे जिनमें ऐसी परिस्थितियों को सीमित कर दिया गया था जिनमें सेना को हवाई हमले और इमारतों में आग लगाने की छूट मिल सकती थी.

उनके उत्तराधिकारी जनरल पेट्रिएस ने इसी नीति को जारी रखने की बात कही है.

जुलाई में विकीलीक्स नाम की वेबसाइट पर जो तथाकथित गुप्त अमरीकी दस्तावेज़ लीक हुए थे उनमें भी ऐसे संकेत थे कि अफ़गानिस्तान में कई आम लोगों की मौत को दर्ज ही नहीं किया जाता है.

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