चीन के लिए जासूसी का दोषी 'भारतीय' इंजीनियर

  • 10 अगस्त 2010
नोशिर कपाड़िया
Image caption नोशिर कपाड़िया को उम्र क़ैद हो सकती है.

अमरीका के हवाई प्रांत में एक अदालत की ज्यूरी ने भारतीय मूल के एक अमरीकी इंजीनियर को चीन के लिए जासूसी करने का दोषी पाया है. इंजीनियर नोशिर गोवाड़िया को साज़िश और पैसों की हेराफेरी के लिए दोषी पाया गया है.

अमरीका के लॉस एंजिलिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता पीटर बोइस के अनुसार अभियोग पक्ष ने मुकदमे के दौरान दावा किया कि 67 वर्षीय गोवाड़िया ने क्रूज़ मिसाइल के डिज़ाइन में चीन की सहायता की थी.

मुकदमें के दौरान ये भी कहा गया कि गोवाड़िया वर्ष 2003 से 2005 के बीच कई बार चीन की यात्रा पर गए.

ये भी बताया गया है कि क्रूज़ मिसाइल के डिज़ाइन के लिए नोशिर गोवाड़िया ने एक लाख 10 हज़ार अमरीकी डॉलर स्वीकार किए. उन्होंने इस धन का इस्तेमाल मुई द्वीप में एक लग्ज़री घर का कर्ज़ा चुकाने के लिए किया.

बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि ये सही है कि गोवाड़िया ने चीन की क्रूज़ मिसाइल के लिए एक ‘एग्ज़ॉहस्ट नोज़ल’ डिज़ाइन किया था.

लेकिन उनका ये भी कहना था कि इस डिज़ाइन की जानकारी पहले से ही ‘सार्वजनिक तौर पर’ उपलब्ध थी और इसमें कुछ भी ‘अवर्गीकृत जानकारी’ के रुप में नहीं था.

भारत में पैदा हुए नोशिर गोवाड़िया 1960 के दशक में अमरीका गए और बाद में वहां के नागरिक बन गए.

वे क़रीब चार साल से हिरासत में है और उन्हें नंवबर में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई जा सकती है.

ये मुक़द्दमा अमरीका में चीन के लिए कथित जासूसी को निशाना बनाकर चलाए जा रहे अभियोजनों में से एक है.

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