'विकीलीक्स आम अफ़ग़ानों के नाम हटाए'

विकीलीक्स वेबसाइट
Image caption लगभग 75 हज़ार दस्तावेज़ प्रकाशित हुए हैं और 15 हज़ार अप्रकाशित हैं

कई मानवाधिकार संगठनों ने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध से संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स पर दबाव डाला है कि वह इन दस्तावेज़ों से आम अफ़ग़ान नागरिकों नाम हटाए.

इन मानवाधिकार संगठनों में शामिल एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि जिन अफ़ग़ान नागरिकों की पहचान अमरीकी सेना को जानकारी देने वालों के रूप में की गई है, उन पर हमले हो सकते हैं.

तालिबान ने सैकड़ों ऐसे अफ़ग़ान नागरिकों को जान से मारा है जिन पर उसने अमरीका के नेतृत्व वाली सेनाओं की मदद करने का आरोप लगाया है.

इन मानवाधिकार संगठनों में अफ़ग़ान इंडिपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमिशन, कैंपेन फ़ॉर इनोसेंट विक्टिम्स इन कॉनफ़्लिक्ट, द ओपन सोसाइटी इनस्टीट्यूट और द इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप शामिल हैं.

'देर हो चुकी है, पर नाम हटाएँ'

इन संगठनों का कहना है कि इन्होंने अपना अनुरोध जूलियन असांगे को ई-मेल के ज़रिए पहुँचाया है.

अफ़ग़ान इंडिपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमिशन के नादेर नादेरी ने कहा, "आम नागरिकों के जीवन के बारे में ध्यान नहीं दिया गया है. हमने कहा है कि भविष्य में ये नाम दस्तावाज़ों में नहीं होने चाहिए और जो नाम इस समय हैं उन्हें दस्तावेज़ों से हटाया जाना चाहिए. चाहे बहुत देर हो चुकी है लेकिन अब भी ऐसा करना लाभदायक होगा."

उनका कहना है कि उन्हें फ़िलहाल अपने अनुरोध के बारे में कोई जवाब नहीं मिला है.

इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्रालय माँग कर चुका है कि विकीलीक्स तत्काल उसे वो 15 हज़ार दस्तावेज़ सौंप दे जो अब तक उसने प्रकाशित नहीं किए हैं.

ये दस्तावेज़ वेबसाइट को उन 75 हज़ार अन्य दस्तावेज़ों के साथ लीक किए गए थे जो उसने पहले ही सार्वजनिक कर दिए हैं.

इन दस्तावेज़ों में अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी फ़ौज से संबंधित सैकड़ों घटनाएँ, आम नागरिकों के मारे जाने और सैन्य अभियानों के विवरण हैं.

पेंटागन के प्रवक्ता ने वॉशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि सार्वजनिक हुई जानकारी से पहले ही अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी देशों की सेनाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लग गई है.

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