भारत-अमरीका भागीदारी को मिसाल बनाएँ: ओबामा

  • 15 अगस्त 2010
ओबामा
Image caption ओबामा के मनमोहन सिंह को व्हाइट हाउस आमंत्रित करने को भारत के लिए बड़ा सम्मान माना गया

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने बधाई संदेश में भारत-अमरीका संबंधों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ कहा है कि नवंबर में उनके भारत दौरे से दोनों देशों के बीच 21वीं सदी में भागीदारी की मिसाल कायम करना चाहते हैं.

दरअसल पिछले कई महीनों से अमरीकी प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के मामलों में इतना उलझा रहा है कि भारत का ज़िक्र ही कभी-कभी ही हुआ है.

लेकिन प्रतीत होता है कि पिछले कुछ दिनों में अमरीकी प्रशासन ने भारत की ओर ध्यान केंद्रित किया है और इस मामले में ख़ुद राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ही स्वतंत्रता दिवस पर अपने संदेश के ज़रिए ये पहल की है.

भारतीय मूल के अमरीकियों की तारीफ़

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीका में बसे 20 लाख से अधिक भारतीय मूल के अमरीकियों की उपलब्धियों का ज़िक्र किया है.

उन्होंने कहा है, "भारतीय मूल के अमरीकियों की कामयाबी दोनों देशों में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में चर्चा का विषय है. यह दोनों देशों के बीच गहरे होते रिश्तों का एक उदाहरण है."

ओबामा ने भारत में फलते-फूलते लोकतंत्र, हिंसा और आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की जंग और भारत की सहनशीलता की तारीफ़ की है और ये भी कहा है कि वह अमरीका समेत दुनिया भर के लिए प्रेरणा है.

राष्ट्रपति ओबामा की भारत यात्रा की फ़िलहाल कोई तारीख़ तय नहीं हुई है. सूत्रों का कहना है कि ओबामा की भारत यात्रा नवंबर के पहले हफ़्ते में हो सकती है.

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान भारत और अमरीका के बीच संबंधों में नई जान फूँकी गई थी.

लेकिन वर्ष 2009 में ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके आउटसोर्सिंग के ख़िलाफ़ क़दम उठाने से भारत में कुछ चिंता पैदा हो गई थी और लोग अटकलें लगाने लगे थे कि नए राष्ट्रपति भारत के कितने अच्छे दोस्त साबित होंगे?

लेकिन जब राष्ट्रपति ओबामा ने पद संभालने के बाद सबसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया तो पर्यवेक्षकों ने इसे भारत के लिए एक बड़ा सम्मान माना गया क्योंकि कोई भी राष्ट्रपति अपने चार साल के कार्यकाल में एक-दो नेताओं को ही ऐसा सम्मान देता है.

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