कंप्यूटर ने नाम बदलने को मजबूर किया

चीनी
Image caption चीनी भाषा की लिपि चित्रात्मक है.

नाम से इंसान की पहचान जुड़ी होती है और इसे बरक़रार रखने के लिए लोग क्या क्या जतन नहीं करते. लेकिन चीन में कुछ लोग कंप्यूटर तकनीक के साथ तालमेल नहीं बिठा पाने के कारण अपना उपनाम बदल रहे हैं.

चीन के शानदोंग प्रांत में शान उपनाम के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में इस परिवार के क़रीब दो सौ लोग अपना उपनाम बदल रहे हैं.

असल में चीन की लिपि चित्रात्मक है और कुछ चिह्न ऐसे विशिष्ट हैं जिन्हें कंप्यूटर पहचान नहीं पाता.

कंप्यूटर कोडिंग सिस्टम, चीन की ज़्यादातर लिपि को प्रिंटिंग के लिए बदल देता है लेकिन कुछ चिह्नों के साथ कंप्यूटर ऐसा नहीं कर पाता.

शान परिवार के लोगों को यदि छपे हुए ड्राइविंग लाइसेंस या आवास प्रमाण पत्र चाहिए तो उन्हें इसके लिए नाम बदलना होगा.

चीनी भाषा में एक जैसी ध्वनि वाले शब्दों को उनकी लिपि के माध्यम से अलग किया जाता है. लेकिन स्थानीय अख़बार के मुताबिक़ कंप्यूटर शान उपनाम के लिए वर्णों में विभेद नहीं कर पाता.

शान उपनाम के लोग अब अपना उपनाम बदल कर ऐसे नाम रखने लगे हैं जिन्हें कंप्यूटर पहचान सके.

ग़ौरतलब है कि ताइवान के एक राजनेता यू शाई कून के नाम के साथ भी यह समस्या वर्षों तक रही. उनके नाम के अंतिम अक्षर को कंप्यूटर पहचान नहीं पाता था या उन्हें एक फ़ोटो में बदल देता था. हालांकि बाद में एक नए साफ़्टवेयर के आने से इस समस्या से उन्हें छुटकारा मिल गया.

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