ख़ुदा निगहबान हो तुम्हारा...

  • 18 अगस्त 2010
ग्राउंड ज़ीरो
Image caption ग्राउंड ज़ीरो के आसपास मस्जिद बनाने का विरोध हो रहा है

आमतौर पर मुसलमान बातचीत ख़त्म होने के बाद या एक-दूसरे से विदा लेने पर ख़ुदा हाफ़िज़ या अल्लाह हाफ़िज़ कहते हैं. लेकिन रहील रज़ा इसी बात से बेइंतिहा घबराई हुई हैं.

दरअसल, अमरीका में ग्राउंड ज़ीरो के क़रीब मस्जिद के निर्माण का विरोध करने वालों में कुछ मुसलमान भी शामिल हैं.

उनमें से एक, मुस्लिम कनाडियन कॉंग्रेस की सदस्य और कनाडा में रहने वाली मुस्लिम महिला रहील रज़ा की आपत्ति है कि ग्राउंड ज़ीरो के 300 मीटर की परिधि में बनने वाली मस्जिद का मतलब जानबूझ कर उत्तेजना फैलाना है.

एक समाचार एजेंसी के मुताबिक पिछले हफ़्ते एक बैठक में रहील की मुलाक़ात मस्जिद के हिमायती इमाम की पत्नी डेज़ी ख़ान और इस ज़मीन के मालिक शरीफ़ अल जमाल से हुई.

रहील ने कहा कि उन्होंने कुछ सवाल पूछे. मसलन, दस करोड़ डॉलर की लागत से बनने वाली इमारत के लिए पैसा कहाँ से आएगा और क्या कुछ राशि अमरीका के बाहर से भी आ रही है.

इस तरह की अटकलें हैं कि मस्जिद के निर्माण में सऊदी अरब पैसा लगा रहा है. लेकिन रहील का कहना है कि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

टोरोंटो वापस लौटने पर रहील के मोबाइल पर फ़ोन आया. रहील का कहना है कि फ़ोन करने वाले ने स्वयं को शरीफ़ अल जमाल बताया.

रहील कहती हैं, "उसने मुझसे कहा कि मैं ज़बरदस्ती बैठक में शामिल हुई. उस व्यक्ति का लहजा काफ़ी आक्रामक था. फ़ोन बंद करने से पहले उसने कहा, अल्लाह हाफ़िज़".

रहील कहती हैं, "ज़ाहिर है यह एक धमकी थी वरना मुझे अल्लाह की हिफ़ाज़त की ज़रूरत क्यों है"?

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