ऑस्ट्रेलिया: मतदान ख़त्म, कड़ा मुक़ाबला

गिलार्ड और एबट
Image caption लेबर पार्टी की जूलिया गिलार्ड और लिबरल पार्टी के टोनी एबट के बीच कड़ा मुक़ाबला है

ऑस्ट्रेलिया के आम चुनाव के लिए अधिकतर जगहों पर मतदान ख़त्म हो गया है. इन चुनावों में ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री लेबर पार्टी की जूलिया गिलार्ड और लिबरल पार्टी के नेता टोनी एबट के बीच कांटे की टक्कर है.

एक्ज़िट पोल्स यानी मतदान पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड अपने प्रतिद्वंद्वी टोनी एबट से कुछ आगे हैं.

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दो महीने पहले ही केविन रड को लेबर पार्टी के प्रमुख के पद की दौड़ में हराकर गिलार्ड प्रधानमंत्री बनीं थीं.

ऑस्ट्रेलिया में क़रीब 1.4 करोड़ मतदाता हैं और वहाँ मतदान अनिवार्य है.

त्रिशंकू संसद की ओर?

चैनल नाइन की ओर से किए गए एक एक्ज़िट पोल से स्केत मिले हैं कि जूलिया गिलार्ड को 52 प्रतिशत और टोनी एबट को 48 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है.

ऑस्ट्रेलिया में जनसंख्या बना अहम मुद्दा

लेकिन इसमें ये भी बताया गया है कि कई अहम सीटों में लेबर के ख़िलाफ़ मतदान का रूझान देखने को मिला.

यदि इन सर्वेक्षणों को माना जाए तो देश में 1940 के बाद पहली बार त्रिशंकू संसद आने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं.

टोनी एबट ने सिडनी में अपना वोट डालते समय कहा, "यह एक ऐसा समय है जब हम के बुरी सरकार को सत्ता से बाहर कर सकते हैं. यह एक ऐसा दिन है जब हम एक कार्यकुशल और स्थिर सरकार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं जो कर दाता के पैसे का सम्मान करे."

उन्होंने लेबर पार्टी के भीतर मतभेदों को भुनाने की कोशिश की है.

ऑस्ट्रेलिया का चुनावी दंगल

जूलिया गिलार्ड ने मेलबर्न में अपने घर के पास वोट देते समय माना कि ये बहुत ही कड़ा मुकाबला है.

वे अपना पद संभालने के बाद से सरकार के अर्थव्यवस्था को संभाल पाने के दम पर चुनाव लड़ी हैं.

दोनों नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान उन चुनावी क्षेत्रों का दौरा किया जहाँ काँटे की टक्कर है. इनमें से अधिकतर क्वींस्लैंड और न्यू साऊद वेल्स प्रांतों में हैं.

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