'राजपरिवार के अभिपत्र अभिशाप थे'

मोहम्मद अल फ़ायेद
Image caption मिस्र के व्यापारी मोहम्मद अल फ़ायेद ने हैरड्स को क़तर के शाही परिवार को बेच दिया था

लंदन के प्रसिद्ध डिपार्टमेंटल स्टोर 'हैरड्स' के पूर्व मालिक मोहम्मद अल फ़ायेद ने बताया है कि उन्होने 2000 में राजसी अधिपत्रों को नष्ट करने के आदेश दिए थे.

राजसी अधिपत्र उन व्यक्तियों या कम्पनियों को सम्मान के तौर पर दिए जाते हैं जिन्होने कम से कम पांच साल तक ब्रिटेन की महारानी, उनके पति या राजकुमार को सामान सप्लाई किया हो.

लेकिन अल फ़ायेद ने कहा कि महारानी एलिज़ाबेथ, उनके पति ड्यूक ऑफ़ एडिंनबरा, पुत्र प्रिंस ऑफ़ वेल्स और महारानी की मां के अधिपत्र हैरड्स के लिए ‘अभिशाप’ थे.

श्री फ़ायेद ने राजकुमारी डायाना और अपने बेटे डोडी के लिए एक सार्वजनिक स्मारक बनाए जाने की मांग की जो 1997 में पेरिस में हुई एक कार दुर्घटना में मारे गए थे.

मिस्र में पैदा हुए अल फ़ायेद एक बड़े व्यापारी हैं. उन्होने हैरड्स को मई के महीने में क़तर के शाही परिवार को 1.5 अरब पाउंड में बेच दिया था.

तिगुना हुआ व्यापार

हैरड्स को सबसे पहला राजसी अधिपत्र 1913 में दिया गया था और हर पांच साल में उसकी समीक्षा की जाती थी.

अधिपत्र का नवीनीकरण इस बात पर निर्भर करता है कि ब्रिटेन के राजपरिवार ने उस स्टोर का कितना इस्तेमाल किया.

Image caption लंदन के नाइट्सब्रिज इलाक़े की शान डिपार्टमेंटल स्टोर हैरड्स

लेकिन मोहम्मद अल फ़ायेद ने कहा कि 10 साल पहले उन्होने राजसी अधिपत्र उतरवा कर जलवा दिये थे.

उनका तर्क था कि क्योंकि पिछले कई सालों से महारानी या राजकुमार ने हैरड्स में ख़रीदारी नहीं की थी इसलिए उनके अधिपत्रों का प्रदर्शन करते रहना ‘भ्रामक और पाखंडपूर्ण’ होता.

अल फ़ायेद ने कहा, "मैंने उन्हे उतारने के आदेश दिए और बाद में उन्हे जलवा दिया. ये मेरे स्टोर के लिए अभिशाप थे और इन्हे हटाने के बाद मेरा व्यापार तिगुना हो गया."

ब्रिटेन के अख़बार संडे टेलिग्राफ़ के एक स्तंभकार के लेख के जवाब में लिखे पत्र में श्री फ़ायेद ने स्टोर के नए मालिकों से आग्रह किया कि राजकुमारी डायाना और डोडी के स्मारक को बने रहने दें.

उन्होने कहा, "जब तक ये देश राजकुमारी डायाना के प्रति आभार और प्यार व्यक्त करते हुए एक उपयुक्त स्मारक नहीं बनाता तब तक स्टोर के भीतर बना स्मारक रहने दिया जाए जिससे दुनिया को याद रहे कि ऐसे दो युवा जो एकसाथ सुखमय जीवन बिताना चाहते थे उनके मारे जाने से क्या क्षति हुई."

राजकुमारी की याद में हाइड पार्क में एक फव्वारा बना हुआ है लेकिन अल फ़ायेद ने उसे 'अनुपयुक्त' बताया.

उन्होने कहा, "जहां तक राजपरिवार के हैरड्स आने का सवाल है तो मुझे नहीं लगता कि वो वहां अपना चेहरा दिखा पाएंगे."

मोहम्मद अल फ़ायेद ने ये प्रमाणित करने के लिए एक लम्बा अभियान चलाया था कि एक षड़यंत्र के अधीन राजकुमारी डायाना और उनके बेटे की हत्या की गई.

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