सोमालिया में 32 लोगों की हत्या

Image caption मुना होटल सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़े में है जहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी

सोमालिया में हथियारबंद विद्रोहियों ने एक होटल पर हमला करके 32 लोगों को मार डाला है जिनमें छह सांसद भी शामिल हैं.

राष्ट्रपति निवास के पास ही स्थित होटल में सुरक्षाकर्मियों के वेश में घुसकर विद्रोहियों ने हमला किया.

मुना होटल में घुसने से पहले उन्होंने सुरक्षा गार्डों को गोली मार दी, उनमें एक आत्मघाती हमलावर भी था जिसने ख़ुद को विस्फोट करके उड़ा लिया.

अल शबाब नाम के इस्लामी चरमपंथी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है, संगठन के एक नेता शेख़ अली महमूद रागे ने कहा कि उनके संगठन के 'स्पेशल फ़ोर्स' ने यह हमला किया था.

अल शबाब और सरकारी सेना के बीच पिछले दो दिनों से संघर्ष जारी है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मुना होटल सरकारी अधिकारियों में काफ़ी लोकप्रिय है क्योंकि वह सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़े में है और वहाँ सुरक्षा काफ़ी कड़ी है.

छह सांसदों के अलावा पाँच सरकारी अधिकारी और 21 आम नागरिक मारे गए हैं, कई लोग घायल भी हुए हैं.

भयावह हमला

मौक़े पर मौजूद एक सोमालियाई सांसद अब्दुल रहमान इब्दी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "चारों तरफ़ लाशें बिखरी हैं, लोगों का ख़ून बिखरा है और बहुत ही भयावह माहौल है. एक घंटे तक खूनी लड़ाई चलती रही."

होटल के एक कर्मचारी ने अदन मोहम्मद ने बताया, "वे गोलियों की बारिश कर रहे थे, किसी के बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी, मैं किसी तरह खिड़की से कूदकर अपनी जान बचा पाया."

इब्दी ने कहा कि "यह बहुत ही क्रूर हमला था, उन्होंने रमज़ान के पवित्र महीने में ऐसी हरकत की".

सोमालिया में इस समय अंतरिम सरकार है जिसमें अफ्रीकी देशों के संगठन अफ्रीकन यूनियन का समर्थन हासिल है.

अफ्रीकन यूनियन ने सोमालिया में अपने छह हज़ार शांतिरक्षक सैनिक भी भेजे हैं जिनका इस्लामी चरमपंथियों से लगातार टकराव हो रहा है.

अल शबाब का कहना है कि अफ़्रीकी यूनियन के सैनिक 'विदेशी हमलावर' हैं जिन्हें देश से खदेड़ा जाना ज़रूरी है.

अफ्रीकन यूनियन ने कहा है कि वह सोमालियाई सरकार को कारगर समर्थन देने के लिए और सैनिक भेजेगी.

1991 से लेकर अब तक सोमालिया लगातार हिंसा, अराजकता और गृह युद्ध की स्थिति बनी रही है.

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