अमरीकी हवाई अड्डे से भारतीय गिरफ़्तार

अमरीका में हवाई अड्डे पर सुरक्षाकर्मी

महाराष्ट्र से अमरीका गए एक भारतीय डॉक्यूमेंट्री निर्माता को शुक्रवार को ह्यूस्टन हवाई अड्डे से गिरफ़्तार किया गया. बताया गया कि उनके पास से कुछ 'आपत्तिजनक' पुस्तकें मिली थीं.

समाचार एजेंसियों ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा है कि 40 वर्षीय विजय कुमार की ओर ध्यान इसलिए आकर्षित हुआ क्योंकि जॉर्ज बुश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका व्यवहार ऐसा था जिससे संदेह पैदा हुआ.

जब उनके सामान की जाँच हुई तो जाँचकर्ताओं ने पीतल के दस्ताने, हैंडगन चलाने के बारे में किताब, इस्लाम धर्म से संबंधित पुस्तकें पाईं और शक के आधार पर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.

विजय कुमार ने सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि वह एक सेमिनार में भाग लेने के लिए आए हैं.

'हिंदू कॉंग्रेस में भाग लेना था'

पहले विजय कुमार की ज़मानत के लिए 50 हज़ार डॉलर के मुचलके की शर्त रखी गई थी लेकिन बाद में ज़िला जज डेविड मैंडोज़ा ने इसे घटाकर 5000 डॉलर कर दिया.

उनके वकील ग्रांट शीनर के अनुसार, "मुझे लगता है कि सभी सुरक्षाकर्मियों को एहसास हो गया कि उनसे कोई ख़तरा नहीं है. वे अमरीका में हिंदू कॉंग्रेस में लेक्चर देने आए थे. इस सम्मेलन में हिंदू धर्म और इस्लाम धर्म के बीच संवाद और आतंकवाद के नुक़सान पर चर्चा होनी थी."

विजय कुमार के वकील का कहना था कि पीतल के दस्ताने उनके पास इसलिए मिले क्योंकि वे भारत में सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं.

उनके सामान में स्पाईक्राफ़्ट, न्यू वॉयसेस ऑफ़ इस्लाम, इनफ़िडेल्स नाम की किताबें भी मिलीं.

एक सुरक्षा अधिकारी का कहना था, "यदि इस तरह की चीज़ें सामान में मिलें तो उससे सभी को चिंता तो होती ही है क्योंकि हर यात्री इस तरह का सामान लेकर यात्रा नहीं करता है."

संबंधित समाचार