ईरानी फ़ुटबॉलर की उनके क्लब में वापसी

  • 26 अगस्त 2010
ईरानी खिलाड़ी अली करीमी
Image caption अली करीमी की खेल शैली की वजह से उन्हें एशिया का माराडोना कहा जाता है.

ईरान के फ़ुटबॉल खिलाड़ी अली करीमी की उनके क्लब में कुछ शर्तों के साथ वापसी हो गई है. अली करीमी के क्लब स्टील अज़ीन ने कहा है कि अगर करीम 40 हज़ार डॉलर का जुर्माना अदा कर दें तो वो क्लब की तरफ़ से दोबारा खेल सकते है.

अली करीमी ईरान के सबसे जाने माने खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी शोहरत का ये आलम है कि उन्हें एशिया का माराडोना कहा जाता है. वो ईरान की तरफ़ से दूसरे सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले फ़ुटबॉलर है.

मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान में रोज़ा न रखने के कारण उनके क्लब नें उन्हें निकाल दिया गया था. रोज़ा के दौरान अभ्यास करते समय उन्हें पानी पीते हुए देखा गया था.

क्लब के इस फ़ैसले पर अली करीमी के समर्थकों ने भारी विरोध जताया था.

भारी समर्थन

ईरान के पूर्व फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने भी अली करीमी का समर्थन किया था. वो खिलाड़ी भी करीम के पक्ष में सामने आए जो ख़ुद ईरान की तपती गर्मी में मैच खेलते हुए भी रोज़ा रखते थे.

अली करीमी को मिले भारी समर्थन के बाद क्लब ने उन्हें वापस रखने का फ़ैसला तो किया है लेकिन 40 हज़ार डॉलर का जुर्माना भरने के बाद ही उन्हें वापस लिया जाएगा.

अली करीमी ने पैसे अदा करने की बात मान ली है लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने इस्लाम का कोई अपमान नहीं किया है.

ईरान में विश्लेषकों का मानना है कि अली करीमी के क्लब से हटाए जाने का संबंध राजनीति से ज़्यादा है, धर्म से कम.

अली करीमी ईरान फ़ुटबॉल संघ और स्टील अज़ीन क्लब के प्रबंधन के घोर आलोचक रहे हैं.

उन्होंने ईरान में पिछले साल हुए चुनाव के बाद विपक्षी पार्टी के ज़रिए चलाए जा रहे आंदोलन का भी समर्थन किया था.

पिछले साल सियोल में विश्व कप फ़ुटबॉल के लिए क्वालीफ़ाई करने के लिए खेले जा रहे मैच के दौरान विपक्षी आंदोलन से समर्थन जताते हुए अली करीमी ने हाथ में हरी पट्टी बांधी थी.

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