अब मस्जिद के समर्थन में भी रैली

  • 26 अगस्त 2010
मस्जिद के समर्थन में रैली

न्यूयॉर्क में ग्यारह सितंबर के हमलों का निशाना बने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के स्थल के क़रीब एक विवादित मस्जिद और इस्लामी सेंटर के निर्माण के समर्थन में हमले के शिकार लोगों के कुछ परिजनों समेत न्यूयॉर्क की कई मानवाधिकार और धार्मिक संस्थाओं ने रैली की.

इस रैली से लगता है कि इस मस्जिद के आयोजकों ने मस्जिद वहीं बनाने के लिए अब अपनी कमर कस ली है.

अमरीका भर में न्यूयॉर्क के ग्राउंड ज़ीरो के क़रीब प्रस्तावित इस मस्जिद को लेकर क़रीब एक महीने से बवाल मचा हुआ है.

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यह केंद्र ग्राउंड ज़ीरो से कुछ ब्लॉक की दूरी पर बनाया जाना है और जिस इमारत में यह बनना है उसमें पिछले छह महीनों से नमाज़ भी पढ़ी जा रही है.

जवाबी रैली

गत रविवार को कई सौ लोगों ने इस केंद्र के खिलाफ़ कड़ा विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया था.

उनका कहना है कि ग्राउंड ज़ीरो पर हज़ारों लोगों का कत्ल इस्लामी चरमपंथियों ने किया था इसलिए उस स्थान के इतने नज़दीक मस्जिद औऱ इस्लामी केंद्र बनाना ग़लत है.

इसी के जवाब में अब मस्जिद के कुछ समर्थकों ने भी इस्लामी केंद्र के विरोधियों का मुक़ाबला करने की ठान ली है.

इस संगठन का नाम है 'न्यूयॉर्क नेबर्स फ़ॉर अमरीकन वैल्यूज़'. इसमें शहर भर के विभिन्न क्षेत्रों की क़रीब 40 संस्थाएं शामिल हैं जैसे न्यूयॉर्क सिविल लिबर्टीज़ यूनियन, काउंसिल फॉर अमरीकन इस्लामिक रिलेशंस, शलोम सेंटर और कई पेशेवर जैसे वकील और कर्मचारियों की संस्थाएं भी शामिल हैं.

न्यूयॉर्क स्थित एक मानवाधिकार संस्था सिविल लिबर्टीज़ यूनियन की डोना लीबरमैन भी इस मुहिम की अगुवाई कर रही हैं.

डोना कहती हैं, “इस केंद्र को अच्छा ख़ासा राजनीतिक तमाशा बना दिया गया है. इसका विरोध करने वाले कुछ लोग कहते हैं कि दो ब्लॉक नहीं बल्कि थोड़ा और दूर कर लें. अरे भाई कितना दूर करना ठीक होगा, दो, चार, छह ब्लॉक या फिर किसी के घर के आसपास ही नहीं. और इसका मतलब यह होगा कि इस्लामी केंद्र कहीं नहीं बनाया जा सकता.”

उनका कहना है, “जब इस इस्लामी केंद्र को द्वेष के कारण हटाने की कोशिश की जा रही है तो हमने यह तय किया कि अब मिलकर इस नफ़रत का मुक़ाबला करना होगा, इसीलिए विभिन्न प्रकार की संस्थाओं का संगठन बनाया गया है. हमारी कोशिश यही होगी कि इस केंद्र को उसी स्थान पर बनने दिया जाए जहां अमरीकी मुसलमान चाहते हैं.”

तर्क

Image caption वास्को कहते हैं कि ऐसा पहले यहूदियों के साथ भी हुआ था

पार्क 51 नामक इस इस्लामी केंद्र और मस्जिद के समर्थन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी बयान दिया था कि अमरीकी मुसलमानों को किसी भी निजी संपत्ति पर अपने पूजा स्थलों को बनाने का अधिकार है.

लेकिन अगले ही दिन उन्होंने यह भी कहा कि वह ग्राउंड ज़ीरो के इतने नज़दीक बनने वाले इस केंद्र को बनाने की बुद्विमता पर कोई राय नहीं दे रहे थे.

इसके अलावा कई रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेताओं ने भी इस केंद्र का विरोध किया है.

लेकिन केंद्र के समर्थकों का मानना है कि अमरीकी मुसलमानों को भी हर अमरीकी की ही तरह किसी भी जगह आज़ादी के साथ अपने पूजा स्थल बनाने का संवैधानिक हक़ है और उन्हे यह नहीं कहा जाना चाहिए कि कुछ जगहों पर वह मस्जिद नहीं बना सकते हैं.

मुसलमानों के इस केंद्र के समर्थन में होने वाली इस रैली में भाग लेने आए एक वृद्व यहूदी रैबाई ऑर्थर वास्को न्यूयॉर्क के शलोम केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

वास्को कहते हैं, “ इस केंद्र के विरोध की आड़ में मुसलमानों के प्रति घृणा का प्रदर्शन किया जा रहा है. हमने अमरीका में कुछ दशक पहले यहूदियों को भी इसी तरह का निशाना बनते देखा है. और इसीलिए हम संगठित होकर इसका मुक़ाबला करने आए हैं कि अब मुसलमानों को इस नस्ली घृणा का शिकार होने से बचाया जा सके.”

उनका कहना है कि सैकड़ों की संख्या में यहूदी रैबाई इस केंद्र के समर्थन में सड़क पर निकलेंगे.

इस रैली में 11 सितंबर के चरमपंथी हमलों में मारे जाने वाले कुछ लोगों के परिजन भी भाग ले रहे थे.

उनमें एक वृद्व अमरीकी महिला एडेले वेल्टी और एक पाकिस्तानी अमरीकी तलत हमदानी भी मौजूद थीं.

दोनों ही महिलाओं ने अपने बेटे उस हमले में खोए थे. लेकिन फिर भी ग्राउंड ज़ीरो के क़रीब इस इस्लामी केंद्र के समर्थन में निकल कर आई थीं.

Image caption तलत हमदानी नागरिक के रुप में अपने अधिकारों की बात करती हैं

एडेले वेल्टी का बेटा अग्निशमन दल का सदस्य था और लोगों को बचाते हुए मारा गया. वे कहती हैं, “मैं इस मस्जिद और इस्लामी केंद्र का समर्थन करती हूं. मेरा मानना है कि हमें अमरीका में कहीं भी अपने धर्म का पालन करने की आज़ादी होनी चाहिए. और यह सिर्फ़ मुसलमानों की बात नहीं है, यह तो हर अमरीकी के बारे में है.”

तलत हमदानी का बेटा सलमान हमदानी जलते हुए टावर में से लोगों को बचाने पहुंचा था और ख़ुद भी मारा गया था.

तलत हमदानी कहती हैं,“मेरे बेटे ने अमरीका और अमरीकी मूल्यों की खातिर अपनी जान दे दी. और आज हमीं से कहा जा रहा है कि आप यहां मस्जिद नहीं बना सकते.”

इस केंद्र का शहर के मेयर माईकल ब्लूमबर्ग ने तटस्थता के साथ समर्थन किया है और उनके साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेता भी शामिल हैं.

लेकिन इसका विरोध करने वाले ज़्यादा मुखर नज़र आते हैं.

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