खनिकों को बचाने की योजना नं:2

स्ट्रैटा 950
Image caption खुदाई मशीन स्ट्रैटा 950 को ऑस्ट्रेलिया से लाया गया है

चिली के इंजीनियर एक ऐसी योजना पर काम कर रहे हैं जो वहाँ की खदान में फंसे 33 खनिकों को निकालने के काम में नाटकीय तौर पर तेज़ी ला सकता है.

सोमवार को बचावदल उस शाफ़्ट को ड्रिल कर ज़मीन से क़रीब 700 मीटर नीचे उतारने की कोशिश करेंगे जिसे जोड़ने का काम उन्होंने लगभग पूरा कर लिया है.

माना जा रहा है कि इस काम में चार महीने तक लग सकते हैं.

लेकिन इंजीनियरों का कहना है कि पहले से मौजूद एक सुरंग को अगर चौड़ा किया जाए तो मज़दूरों को निकालने का काम दो महीने में पूरा किया जा सकेगा.

इंजीनियर वॉल्टर हेर्रेरा ने पत्रकारों को बताया है कि "हम मशीनों और दूसरे यंत्रों के इस्तेमाल से उस छेद को और चौड़ा कर सकते हैं जो पहले से मौजूद है."

वॉल्टर हेर्रेरा ने कहा है कि सरकारी विशेषज्ञ उनके इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं.

चिली के स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को बताया था कि "प्लैन बी को तैयार कर लिया गया है."

उन्होंने बाद में इसकी विस्तृत जानकारी देने का वादा किया था.

चिली के खनन मंत्री ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि खनिकों को 30 से 60 दिनों के भीतर निकाला जा सकता है.

खनिकों के बचाव की मूल योजना के तहत ऑस्ट्रेलिया से वो हाइड्रौलिक बोरिंग मशीन, स्ट्रैटा 950 मंगा ली गई है जिसका इस्तेमाल उस शाफ्ट को नीचे उतारने में किया जाएगा जिसके माध्यम से खनिकों को बाहर निकाला जाएगा.

अवसाद

शुक्रवार को चिली के स्वास्थ्य मंत्री ने बतया था कि फंसे हुए 33 में से कम से कम पाँच खनिकों में अवसाद के लक्षण दिखे हैं.

उन्होंने ये भी बतया कि इससे निपटने के लिए इंटरकॉम के माध्यम से मनोवैज्ञानिक खनिकों की मदद करेंगे.

इन खनिकों का पता पिछले रविवार को चला था.

गुरुवार को खनिकों ने अपना वीडियो बनाकर भेजा था जो चिली के राष्ट्रीय टेलीविज़न पर प्रसारित हुआ था.

इन खनिकों को पाइप की मदद से पीने के लिए कुछ चीज़ें और दवाइयाँ आदि दी जा रही है. एक पाइप के ज़रिए ही वहाँ ऑक्सीजन भी पहुँचाई जा रही है.

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