पाकिस्तान में बाढ़ का पानी घटना शुरू

बाढ़ पीड़ित
Image caption सिंध प्रांत में बाढ़ का पानी उतरने की शुरुआत के साथ ही और बीमारियों का ख़तरा बढ़ा

पाकिस्तान के दक्षिणी इलाक़ों में आई बाढ़ का ऱुख़ अरब सागर की ओर हो जाने के बाद पानी उतरना शुरू हो गया है.

दक्षिणी सिंध प्रांत के एक बाढ़ राहत अधिकारी हादी बख्श ने बताया कि बाढ़ के पानी का रुख़ अरब सागर की ओर हो जाने से प्रांत में जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन बाढ़ का ख़तरा अभी भी उतना ही है.

उनका कहना था,“आने वाले दिनों में यहां के शहर और गांव बाढ़ के ख़तरे से बाहर होंगे.”

पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि कोटरी बैराज पर पानी का स्तर कम हो रहा है लेकिन सिंधु नदी अभी भी उफान पर है.

मौसम विभाग के एक अधिकारी क़मर उज़ ज़मां ने बताया,“हमें लगता है कि सिंधु नदी में प्रवाह सामान्य होने में अभी अगले 10 -12 दिन और लगेंगे.”

कोटरी बैराज के नज़दीक सिंधु नदी के किनारे तोड़ कर निकल आने से थट्टा शहर ख़तरे में है लेकिन वहां के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया था.

लेकिन सिंधु नदी के दूसरी तरफ़ सुजावल शहर अभी भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है.

ग़नीमत ये रही कि वहां से भी लगभग सारी आबादी को बाहर निकाल लिया गया है.

बीमारियों का ख़तरा

बाढ के एक महीने बाद भी राहत कार्य अभी तक अपने पहले चरण पर ही है, यानि ख़तरे में घिरे लोगों के बचाव और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है.

अधिकतर लोगों को छत, भोजन और साफ़ पानी नहीं मिल पा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के मुताबिक़ अभी तक लगभग 72 हज़ार बच्चे भारी कुपोषण के शिकार हो चुके हैं.

बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही कई बीमारियों का ख़तरा भी और बढ़ गया है.

कई हफ्तों से रुके हु्ए पानी में कई रोगों के कीटाणु पनप चुके हैं.

राहत एजेसियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बाढ़ ग्रस्त लोगों के लिए पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो पाकिस्तान को भारी समस्याओं से जूझना पड़ेगा.

संबंधित समाचार